मुख्य संरक्षा आयुक्त जनक कुमार गर्ग रोपवे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा से बातचीत करते हुए
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) जनक कुमार गर्ग ने शुक्रवार को वाराणसी का दौरा किया। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने बन रहे रोपवे भवन में पहुंच व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। रेल संरक्षा जांच से जुड़े इकलौते अधिकारी के दौरे को रोपवे की सेवा जनता को जल्द समर्पित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, सीसीआरएस के दौरे की अधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
1987 बैच के आईआरएसईई अधिकारी जनक कुमार गर्ग शुक्रवार की सुबह लगभग सवा आठ बजे स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचे। ट्रेन से उतरने के बाद बनारस लोकोमोटिव कारखाना चले गए। वहां से दोपहर बाद साढ़े तीन बजे रोप-वे भवन पहुंचे और वहां की संरक्षा व्यवस्थाओं को समझा।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय अपने अधीन इस संरक्षा संस्था के अधिकारियों के जरिए रेलवे की परियोजनाओं और दुर्घटनाओं की निष्पक्ष जांच कराता है, जिसके मुखिया मुख्य रेलवे संरक्षा आयुक्त होते हैं। रेल मंडल में होने वाले रेल ट्रैकों के दोहरीकरण, नई रेल लाइन, गेज परिवर्तन आदि की संरक्षा जांच के बाद रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) परिचालन शुरू करने की अनुमति देते हैं।
ऐसे में गर्ग के दौरे को रोपवे का जल्द संचालन शुरू करने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। कयास लगाया जा रहा कि रोप-वे संचालन से पूर्व संरक्षा जांच सीसीआरएस से कराई जा सकती है। वाराणसी में रोपवे संचालन प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के कारण संरक्षा जांच में जिम्मेदार किसी तरह की चूक नहीं करेंगे। एडीआरएम बृजेश यादव, स्टेशन डायरेक्टर अर्पित गुप्ता व रोप-वे की परियोजना निदेशक पूजा मिश्रा आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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