बोन डेंसिटी कम होने पर डाइट और एक्सरसाइज से पाएं मजबूत हड्डियां (Picture Credit- AI Generated)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपकी हड्डियों में कैल्शियम और मिनरल्स की मात्रा से ही उनकी ताकत और मोटाई का पता चलता है। यदि, बोन डेंसिटी ज्यादा है तो हड्डियां मजबूत मानी जाती हैं। वहीं, डेंसिटी का कम होना हड़्डियों को कमजोर करने वाली समस्याओं, ऑस्टियोपीनिया या ऑस्टियोपोरोसिस की ओर ले जा सकती हैं।
बोन डेंसिटी को बरकरार रखने के लिए सिर्फ कैल्शियम ही नहीं, बल्कि कई तरह के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि बोन डेंसिटी के कम होने के क्या कारण हैं और खाने में किन चीजों को शामिल कर इसे बढ़ा सकते हैं।
बोन डेंसिटी कम होने की ये हो सकती हैं वजहें
- ऑस्टियोपोरोसिस की फैमिली हिस्ट्री
- युवावस्था में हड्डियों का अच्छी तरह विकास ना होना
- धूम्रपान
- लंबे समय तक ज्यादा शराब पी रहे हों
- कम एक्टिव रहते हों या लंबे समय तक बेडरेस्ट पर रहे हों
अगर हों ये बीमारियां:
- एंडोक्राइन डिजीज
- पाचन से जुड़ी समस्याएं
- रूमेटॉयड आर्थराइटिस
- कैंसर के कुछ प्रकार
- एचआईवी
- ईटिंग डिसऑर्डर
हेल्दी बोन्स के लिए चाहिए ये पोषक तत्व
- कैल्शियम
- विटामिन डी
- मैग्नीशियम
- विटामिन के
- जिंक, कॉपर, मैगनीज, बोरोन और सिलिकॉन जैसे मिनरल्स
डाइट में शामिल करें ये चीजें
- कम फैट वाली मछलियां और डेयरी प्रोडक्ट्स कैल्शियम और विटामिन डी के अच्छा स्रोत होते हैं।
- पालक, शकरकंद, किशमिश, भिंडी में मैग्नीशियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है।
- संतरा, ऑरेंज, केला, किशमिश, टमाटर के प्रोडक्ट्स से भरपूर मात्रा में पोटेशियम मिलता है।
- लाल-हरी शिमला मिर्च, ब्रोकली, स्ट्रॉबेरी, पपीता और अनान्नास में काफी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है
- हरी पत्तेदार सब्जियों जैसे केल, पालक, सरसों, शलजम जैसी सब्जियां विटामिन K के काफी अच्छी स्रोत हैं।
अगर कम हो चुकी हो बोन डेंसिटी
बोन डेंसिटी कम होने पर उसे पूरी तरह रिवर्स कर पाना संभव नहीं होता। हालांकि, लगातार हड्डियों को सेहतमंद बनाए रखने वाली डाइट, एक्सरसाइज से और लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर काफी हद तक उन्हें पहले जैसा बनाया जा सकता है। इस प्रक्रिया में 6-12 महीनों का वक्त लग सकता है। वेट बेयरिंग और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज नई हड्डियां बनाने में मददगार मानी जाती हैं।
ऐसे लगा सकते हैं कम होती बोन डेंसिटी का पता
एक्स-रे टेस्ट की मदद से इस बात का पता लगाया जाता है कि हड्डियों में कितनी मात्रा में कैल्शियम और अन्य मिनरल्स मौजूद हैं। इसे डेक्सा (DEXA) स्कैन या बोन डेंसिटी टेस्ट कहते हैं, तो लो--रेडिएशन एक्स-रे होता है। इसमें रीढ़ की हड्डी, हिप और बाजू जैसे हिस्सों का एक्स-रे टेस्ट किया जाता है।
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