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गयाजी के विकास का प्लान: 5 हजार LED लाइट से जगमग होगा शहर; ई-चार्जिंग स्टेशन को हरी झंडी

Chikheang 1 hour(s) ago views 393
  

नगर निगम बोर्ड की बैठक करते मेयर वीरेंद्र कुमार। जागरण  



जागरण संवाददाता, गयाजी। पांच माह बाद नगर निगम बोर्ड की बैठक शनिवार को मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में नगर निगम सभागार में हुई।

बैठक में शहर के विकास और सफाई व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर मुहर लगी। मेयर ने कहा कि शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम लगातार कार्य कर रहा है।

इसी क्रम में शहर में पांच हजार एलईडी लाइट लगाए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक वार्ड में 100 एलईडी लाइट लगेंगी, जिससे शहर रोशनी से जगमगाएगा।

उन्होंने बताया कि शहर के पोलों पर लगे होर्डिंग, बैनर और पोस्टर जल्द हटाए जाएंगे। इनसे पोल पर लगी तिरंगा लाइटें खराब हो रही हैं।

इसके लिए संबंधित कंपनियों को पहले नोटिस दिया जाएगा। नोटिस के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, सशक्त स्थायी समिति सदस्य अखौरी ओंकारनाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव, नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया सहित कई पार्षद मौजूद थे।
निविदा के बाद भी शुरू नहीं हुआ काम

वार्ड संख्या 10 के पार्षद गोपाल कुमार ने कहा कि निविदा के एक वर्ष बाद भी कई योजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ है। पार्षद जया देवी ने भी अपने वार्ड में ठेकेदारों की लापरवाही का मुद्दा उठाया।  

इस पर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे ठेकेदारों को चिन्हित कर ब्लैकलिस्ट किया जाएगा, ताकि वे नगर निगम के किसी भी कार्य में भाग न ले सकें।
सरकारी नीति का होगा विरोध

मोहन श्रीवास्तव ने सदन को बताया कि सरकार नगर निगम क्षेत्र में सभी विकास कार्य निविदा प्रणाली से कराने की योजना बना रही है। इस पर पार्षदों ने आपत्ति जताई।  

सदस्यों का कहना था कि पहले विधायक मद और सांसद मद समाप्त होनी चाहिए, उसके बाद यह नियम लागू किया जाए। पार्षद ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि इस नीति का सर्वसम्मति से विरोध किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था होगी और मजबूत

शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए आबादी के अनुसार प्रत्येक वार्ड में तीन से छह अतिरिक्त सफाईकर्मी बहाल करने का निर्णय लिया गया।  

साथ ही खराब पड़े सभी ठेलों की मरम्मत और प्रदूषण नियंत्रण के लिए गांधी मैदान में प्रदूषण मुक्त टावर लगाने पर भी सहमति बनी।  
स्लम क्षेत्रों को बनाया जाएगा मॉडल

शहर के स्लम क्षेत्रों के विकास के लिए नाली और सड़क निर्माण पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक वार्ड को 30 से 50 लाख रुपये दिए जाएंगे, ताकि स्लम क्षेत्रों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
इन योजनाओं पर लगी मुहर


  • प्रदूषण मुक्त शहर के लिए टावर की स्थापना

  • नगर निगम की जमीन का किराया आकलन

  • बुडको द्वारा जलापूर्ति कार्य का गहन निरीक्षण

  • सभी वार्डों में राजस्व वसूली शिविर

  • सूखा व गीला कचरा निष्पादन

  • आगामी वित्तीय वर्ष में सैरातों की वसूली व बंदोबस्ती

  • इंडोर स्टेडियम का विकास

  • नगर निगम मुख्य द्वार का सुंदरीकरण

  • जवाहर टाउन हॉल का जीर्णोद्धार

  • ई-चार्जिंग स्टेशन की स्थापना
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