विक्रम शर्मा हत्याकांड।
जागरण संवाददाता, देहरादून। गैंग्सटर विक्रम शर्मा की हत्या के मामले में दो शूटरों व एक मददगार के पिता पुलिस गिरफ्त में आने की सूचना है। रविवार को एसटीएफ कुछ आरोपितों को दून लेकर आ सकती है।
पुलिस जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश करेगी। बीते शुक्रवार को उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने जमशेदपुर स्थित बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाड़ाबासा निवासी राजकुमार सिंह को जमशेदपुर अदालत में प्रस्तुत किया।
एसटीएफ ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून ले जाने की अर्जी दी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मंगलवार को एसटीएफ ने उसे हिरासत में लिया था।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि राजकुमार सिंह उर्फ राजू के पुत्र यशराज सिंह की संलिप्तता भी हत्या प्रकरण में संदिग्ध है। उससे पुलिस को एक मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है, जिसे जांच के लिए जब्त किया गया है।
पुलिस ने एक अन्य शूटर विशाल सिंह के पिता को दिल का मरीज होने के कारण पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि वह शीघ्र ही विशाल को पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करें।
वहीं, पुलिस दबाव के बावजूद जब यशराज सिंह उपस्थित नहीं हुआ, तो पुलिस उसके पिता को साथ लेकर चली गई।
पुलिस को सूचना है कि यशराज ने शूटरों को देहरादून में हथियार उपलब्ध कराए थे। हत्या मामले में सीसीटीवी में कैद दो शूटर आकाश प्रसाद व आशुतोष के वाराणसी कैंट थाना में आत्मसमर्पण करने की सूचना है।
हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है। दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर ही पुलिस टीम जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गाड़ाबासा पहुंची थी।
पुलिस हत्याकांड के साजिश रचने और सुपारी देने वालों की गिरफ्तारी को प्रयासरत है।
13 फरवरी को गैंग्सटर की गोली मारकर की थी हत्या
शूटरों ने झारखंड के गैंग्सटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या की घटना को उस समय अंजाम दिया गया, जब वह सिल्वर सिटी माल स्थित जिम से बाहर निकल रहा था।
इसके बाद फिल्मी अंदाज में शूटर देहरादून से चुपचाप हरिद्वार निकल गए और कोई प्लेन तो कोई ट्रेन से निकल गया। पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात से पूर्व शूटर हरिद्वार रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में ठहरे थे।
सीसीटीवी में आकाश, आशुतोष व विशाल की मौजूदगी दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि आरोपितों ने देहरादून जाने के लिए हरिद्वार से ही स्कूटी और मोटरसाइकिल किराये पर ली थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर किराये के वाहन वापस कर फरार हो गए।
गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने नहीं खोले पत्ते
मामला संवेदनशील होने के चलते पुलिस ने अभी तक पत्ते नहीं खोले। वहीं पुलिस ने विक्रम शर्मा की पत्नी व भाई से कई दौर की पूछताछ कर चुकी है। विक्रम शर्मा की पत्नी ने कुछ लोगों पर हत्या का आरोप भी लगाया है।
ऐसे में शूटरों की गिरफ्तारी, सुपारी देने वाले व्यक्ति की पहचान के बाद ही पुलिस देहरादून में छिपे बिचौलिए को दबोचेगी। उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस मामले का पर्दाफाश करेगी।
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