प्रयागराज में नए सर्किल रेट के तहत कुछ और भी नियम बदले हैं।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। नए सर्किल रेट में कुछ नियमों में और भी बदलाव किए गए हैं। संपत्ति की रजिस्ट्री में जियोटैग फोटोग्राफ के साथ प्रापर्टी की यूनिक आइडी को अनिवार्य कर दिया गया है। जियोटैग फोटोग्राफ में अक्षांश एवं देशांतर प्रदर्शित होने चाहिए। इसके अलावा रूट मैप के साथ भवन-फ्लैट के निर्माण वर्ष, कालोनी बसाने पर एनजीटी के नियमों का पालन आवश्यक है।
कार्नर व पार्क पर 20% अतिरिक्त शुल्क लग रहा
राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, जिला मार्ग, संपर्क मार्ग, खड़ंजा मार्ग, इंटरलाकिंग मार्ग के अलग रेट निर्धारित हैं। विकासशील ग्रामों संग नगर निगम में शामिल गांवों का अलग से मूल्यांकन हुआ है। विकासशील गांवों को चार श्रेणियों क, ख, ग व घ में विभाजित किया गया है, जहां 25 प्रतिशत सर्किल रेट बढ़ा है। कार्नर व पार्क पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगने लगा है।
कृषि भूमि की रजिस्ट्री में ये कागजात आवश्यक
- रियल टाइम खतौनी, किसान बही, खसरा, गाटा की यूनिक आइडी
- भूमि की 200 मीटर की त्रिज्या में अवस्थित गतिविधियों के संबंध में घोषणा पत्र
- क्रेता को हलफनामा देना अनिवार्य होगा कि उसके पास 18 बीघा से ज्यादा कृषि भूमि नहीं है।
वाणिज्यिक संपत्तियों का मूल्यांकन अलग
वाणिज्यिक संपत्तियों का मूल्यांकन अलग किया जा रहा है। एकल दुकान एवं वाणिज्यिक अधिष्ठान का तात्पर्य ऐसे व्यवसायिक भवन से होना शुरू हो गया, जहां भूमि एवं उस पर अवस्थित संपूर्ण निर्माण का एक ही सम्व्यवहार से रजिस्ट्री हो रही है। ऐसी व्यावसायिक संपत्ति एक या एक से अधिक तलों की हो सकती है मगर प्रतिबंध यह है कि इसकी रजिस्ट्री एक विलेख द्वारा हो। यदि 10 वर्ग मीटर की दुकान के लिए 30 हजार वर्ग मीटर एवं निर्माण की दर 20 हजार वर्ग मीटर है तो मूल्यांकन 30 हजार प्लस 20 हजार गुणा 10 हो रहा, अर्थात मूल्यांकन पांच लाख रुपये में होगा।
कार्पेट एरिया की दरें सिर्फ दुकानों पर लागू होंगी
यदि एकल से भिन्न दुकान का अथवा वाणिज्यिक अधिष्ठान का क्षेत्रफल 12 वर्ग मीटर है तो क्षेत्र में कार्पेट एरिया दर डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्ग मीटर है तो 18 लाख रुपये मूल्यांकन होगा। कार्पेट एरिया की दरें सिर्फ दुकानों पर लागू होंगी। कार्यालय अथवा गोदाम जैसे वाणिज्यिक भवन की दशा में कार्यालय का आगणित मूल्य के 90 प्रतिशत पर और गोदाम का 80 प्रतिशत मूल्यांकन होगा।
अकृषक भूमि का मूल्यांकन कैसे होगा?
जिले में किसी मार्ग पर स्थित ओवर ब्रिज, फ्लाई ओवर से ऊंचाई से प्रारंभिक बिंदु से ढलान की समाप्ति तक नीचे की सड़क पर स्थित भूखंड का मूल्यांकन उस मार्ग के लिए निर्धारित भूखंड की दर से 20 प्रतिशत की कमी करते हुए की जाएगी। मुख्य मार्ग अथवा रोड सेगमेंट पर स्थित अकृषक भूमि के मूल्यांकन में संबंधि सेगमेंट की दरों के मुताबिक ही उसका मूल्यांकन किया जाएगा।
पुराने निर्माण में भवन का स्टांप कम लगेगा
संपत्ति के किसी मुख्य मार्ग या रोड सेगमेंट से हटकर स्थित होने पर की स्थिति में उस मार्ग की चौड़ाई के आधार पर मूल्यांकन होगा। गैर वाणिज्यिक भूखंड की रजिस्ट्री में चौड़ाई का उल्लेख अनिवार्य होगा। गैर वाणिज्यिक भवन के निर्माण मूल्य की दरें भी अलग-अलग वर्ष के आधार पर मूल्यांकित होंगी। लगभग 20 वर्ष अथवा इससे पुराने निर्माण में भवन का स्टांप कम लगेगा मगर जमीन की मौजूदा दर से स्टांप लगेगा।
फ्लैट्स,अपार्टमेंट के कवर्ड एरिया की निर्माण दरें अलग
फ्लैट्स अथवा अपार्टमेंट के कवर्ड एरिया की निर्माण दरें अलग की गई हैं। एक मंजिल से अधिक मगर चार मंजिल (पार्किंग के अतिरिक्त) तक के आवासीय भवन (छत के स्वामित्व अधिकार रहित) के अलग-अलग तल का मूल्यांकन होगा। दो मंजिल की दशा में प्रत्येक मंजिल में अविभाजित भूमि का अंश 50 व 50 प्रतिशत होगा। तीन मंजिल की दशा में प्रत्येक मंजिल में भूमि का अविभाजित अंश 33.33 प्रतिशत होगा। चार मंजिल की दशा में भूमि का अविभाजित अंश 25 प्रतिशत होगा।
मुख्य मार्ग पर निर्धारित दर से किया जाएगा
आवासीय-गैर वाणिज्यिक भवन में केवल भूतल की ऊपरी छत मात्र के विक्रय की दशा में आगणति मूल्य के 60 प्रतिशत पर स्टांप लगेगा। अपार्टमेंट के भवनों के परिसर का निकास यदि मुख्य मार्ग अथवा उसकी सर्विस लेन पर होता है तो सभी यूनिट-ब्लाक का मूल्यांकन मुख्य मार्ग पर निर्धारित दर से किया जाएगा।
फर्जीवाड़ा पर लग सकेगा अंकुश
एआइजी स्टांप राकेश चंद्रा का कहना है कि कृषि भूमि की रजिस्ट्री में रियल टाइम खतौनी, गाटा की यूनिक आइडी जरूरी किए जाने फर्जीवाड़ा पर अंकुश लग सकेगा और राजस्व की बढ़ोतरी भी होगी। पंजीयन में जियोटैग फोटोग्राफ में अक्षांश व देशांतर प्रदर्शित होने काफी सहूलियत हो जाएगी।
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