जागरण संवाददाता, झासी। ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकतर सड़क समय से पहले ऐसे ही नहीं दम तोड़ देती हैं। दरअसल, यहाँ पर कोई देखने वाला होता नहीं हैं और ठेकेदार अपनी मनमानी से सड़क बिछाने के बाद इतिश्री कर लेते हैं, लेकिन तहसील गरौठा के ग्राम बरमाइन के जागरूक ग्रामीणों ने ऐसा नहीं होने दिया।
उन्होंने गुणवत्ता से खिलवाड़कर डाली जा रही भ्रष्टाचार की सड़क की परतों को अपने हाथों से उधेड़ दिया और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसका परिणाम यह निकला कि वीडियो वायरल होते ही अधिकारियों ने पूरी सड़क को उखड़वा दिया और इसे फिर से डालने के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग (खण्ड-3) ने पिछले दिनों तहसील गरौठा क्षेत्र के ग्राम बरमाइन से ककरबई को जोड़ने वाली लगभग 6 किलोमीटर लम्बी सड़क के निर्माण का टेण्डर प्रक्रिया कराने के बाद काम प्रारम्भ करा दिया था। ठेकेदार ने लगभग 800 मीटर सड़क पर न तो बेस बनाया और न ही इसकी सफाई करायी। धूल भरी इस पुरानी सड़क पर डामर और गिट्टी बिछा दी थी।
पैर रखते ही उखड़ने लगी सड़क
गुणवत्ता की हालत यह थी कि सड़क पर पैर रखते ही डामर और गिट्टी बिखर जा रही थी, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया और हाथों से सड़क के डामर और गिट्टी के मिश्रण को हटाते हुए एक वीडियो बनाया और इसे वायरल कर दिया। जो वीडियो वायरल हुआ है, उसमें सड़क के नीचे की धूल उभर कर सामने आ गयी। नियम है कि पुरान सड़क को उखाड़ कर उसका पहले बेस बनाया जाता है।
नियमों की अनदेखी
इसके बाद उसको कूटकर समतल करने के बाद डामर और गिट्टी का मिश्रण डालकर उसको रोलर से दबाकर मजबूत किया जाता है, लेकिन यहां पर सारे नियम को दरकिनार कर सड़क डाल दी गयी।
इस सम्बन्ध में लोक निर्माण विभाग (खण्ड-3) के अधिशासी अभियन्ता अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि उनके संज्ञान में जैसे ही यह मामला आया, उन्होंने जितनी भी सड़क बिछायी गयी थी, उसको पूरा उखड़वा दिया। साथ ही ठेकेदार को बेस तैयार करने के बाद सड़क का निर्माण कराए जाने के आदेश दिए।
सहायक और अवर अभियन्ता की भूमिका पर उठा रहे सवाल
सड़कों पर जब भी डामर, गिट्टी के मिश्रण को बिछाया जाता है, तो यह काम सहायक अभियन्ता और अवर अभियन्ता की देखरेख में किया जाता है, ताकि सड़क डालने के दौरान जो भी तकनीकी मामला फँसे, तो अभियन्ता उसका मौके पर निस्तारण करा सके, लेकिन यहां पर तो जिस प्रकार से काम किया गया है, उससे दोनों अभियन्ताओं की भूमिका ही सन्देह के घेरे में आ गयी है।
यह भी पढ़ें- 7.68 करोड़ से CHC बनकर तैयार, डेढ़ लाख की आबादी को होगा फायदा, स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती के बाद होगा संचालन
इस सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता ने बताया कि ठेकेदार जब सड़क पर डामरीकरण करते हैं, तो उससे पहले सहायक अभियन्ता व अवर अभियन्ता को सूचना देते हैं, लेकिन यहाँ पर ठेकेदार ने बिना सूचना के काम प्रारम्भ करा दिया था। इसकी जाँच करायी जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। |