डिप्टी सीएम ने बड़हिया रसगुल्ला और राजद के भाई वीरेंद्र ने मनेर लड्डू की मांग की
डिडिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा में इस बार विकास या राजनीति नहीं, बल्कि मिठाइयों की मिठास गूंजती रही। बाढ़ के विधायक सियाराम सिंह ने प्रसिद्ध खोबी लाई को GI टैग दिलाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की यह पारंपरिक मिठाई अपनी अलग पहचान रखती है। स्थानीय कारीगरों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। GI टैग मिलने से इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सकती है। सदन में इस प्रस्ताव को लेकर उत्सुकता दिखी।
गया जी का तिलकुट भी चर्चा में
उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने जवाब दिया कि प्रक्रिया के तहत प्रस्ताव लाया जा सकता है। इस बीच विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने गया जी के तिलकुट का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने कहा कि गया का तिलकुट भी अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। इस सुझाव पर सदन में सहमति के स्वर सुनाई दिए। तिलकुट को GI टैग दिलाने की मांग ने चर्चा को और रोचक बना दिया। माहौल हल्का-फुल्का लेकिन उत्साही बना रहा।
बड़हिया रसगुल्ला पर ठहाके
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने बड़हिया के रसगुल्ला का जिक्र किया। इस पर मंत्री ने मुस्कराते हुए कहा, “आपने कभी रसगुल्ला खिलाया नहीं है।” इतना सुनते ही सदन में जोरदार ठहाका गूंज उठा।
हंसी-मजाक के बीच कई सदस्य अपने-अपने क्षेत्र की मिठाई का नाम लेने लगे। राजद के भाई वीरेंद्र ने मनेर के लड्डू को GI टैग देने की मांग रखी। मिठाइयों की सूची लंबी होती चली गई।
प्रदर्शनी लगाने का सुझाव
मंत्री ने कहा कि सभी विधायक अपने इलाके की खास मिठाई का प्रस्ताव दें। सरकार GI टैग की दिशा में पहल करने को तैयार है। डिप्टी सीएम ने सुझाव दिया कि एक दिन सभी मिठाइयों की प्रदर्शनी लगाई जाए।
इस प्रस्ताव पर सदन में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। अध्यक्ष ने कहा कि इसकी व्यवस्था की जाएगी। इस तरह सदन में गंभीर कार्यवाही के बीच मिठास भरी बहस यादगार बन गई।
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