सीएम सैनी ने विधानसभा में पीपीपी त्रुटियों पर दिया जवाब (फाइल फोटो)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस ने एक बार फिर परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) को लेकर नायब सैनी सरकार का घेराव किया।
प्रश्न काल के दौरान कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने सवाल पूछते हुए कहा कि पीपीपी की त्रुटियों को सही कराने में लोगों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। जबकि, सरकार दावा करती है कि सुधार प्रक्रिया तेजी से चल रही है। हमारे पास जो जानकारी उसके हिसाब से सरकार के सभी दावे फेल साबित हो रहे हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री ने लिखित में जवाब मांगा की उन्हें सदन के माध्यम से बताया जाए कि वर्ष 2022 से वर्ष 2026 (अब तक) प्रदेश के सभी जिलों से कितनी शिकायत आई और सुधार की अवधि क्या रही।
विधायक के प्रश्न का लिखित उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पीपीपी में जो भी जानकारी दी गई है, उसमें पूरी पारदर्शिता बरती गई है। पांच साल में 51493 शिकायत प्राप्त हुई, जिनका तीस से साठ दिन के अंदर समाधान कर दिया गया।
सीएम सैनी ने बताया कि अधिकतर शिकायत सार्वजनिक सेवा नाम, पता, आय व वाहनों से जुड़ी थी। इनकी संख्या 23987 है। जवाब में यह भी बताया गया कि हरियाणा के पीपीपी मॉडल को कई राज्य अपना भी चुके हैं।
किस वर्ष कितनी शिकायतें मिली
| वर्ष | शिकायतें | | 2022 | 4140 | | 2023 | 20550 | | 2024 | 12036 | | 2025 | 12613 | | 2026 | 2154 (21.02.2026 तक) | | कुल शिकायत | 51493 |
समय | लंबित शिकायत | | 30-60 दिन | 3315 | | 60 से 90 दिन | 1991 | | 90 से 180 दिन | 995 | | 180 से अधिक | 337 |
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