जागरण संवाददाता, कानपुर। अधिवक्ता अखिलेश दुबे को भाजपा नेता को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विवेचना तक वह शहर नहीं छोड़ेंगे। हालांकि इस मुकदमे में जमानत के बाद भी उन्हें अभी जेल में रहना होगा। तीन मुकदमों में अभी उन्हें जमानत नहीं मिली है।
बर्रा थानाक्षेत्र के सोना मेंशन में रहने वाले भाजपा नेता रवि सतीजा ने अधिवक्ता अखिलेश दुबे और उसके साथियों पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराकर 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाकर छह अगस्त 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में पुलिस ने आरोपित अखिलेश दुबे और उनके साथी लवी मिश्रा को सात अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया था। इसी मामले में आरोपित सगी बहनें सरकारी गवाह बन गई थी। विमल यादव अभी भी फरार चल रहा है |
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