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देहरादून पुलिस की हिरासत में विक्रम शर्मा की हत्या में शामिल शूटर।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जमशेदपुर के चर्चित गैंगस्टर विक्रम शर्मा की 13 फरवरी को देहरादून में हुई सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की पटकथा पिछले तीन महीनों से लिखी जा रही थी। देहरादून पुलिस ने मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि जमशेदपुर के शातिर शूटरों समेत छह फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
तीन महीने से रची जा रही थी साजिश पुलिस जांच के अनुसार, हमलावर पिछले तीन महीनों से विक्रम शर्मा की रेकी कर रहे थे। शुरुआती योजना उसे जमशेदपुर या नोएडा में ही ठिकाने लगाने की थी, लेकिन वहां मौका नहीं मिल पाने के कारण अंततः देहरादून में वारदात को अंजाम दिया गया। विक्रम शर्मा की हत्या तब की गई जब वह डालनवाला क्षेत्र के सिल्वर सिटी मॉल स्थित जिम से बाहर निकल रहा था। वारदात के बाद हमलावर सहस्त्रधारा क्षेत्र में अपना वाहन बदलकर हरिद्वार के रास्ते फरार हो गए।
यूनिवर्सिटी छात्र और सहयोगी गिरफ्तार
देहरादून पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को दबोचने में सफलता पाई है:
- अक्षत ठाकुर उर्फ संजीव कुमार: जुगसलाई निवासी अक्षत ग्रेटर नोएडा की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है। वह अपने साथियों के साथ वहीं रहकर साजिश में मदद कर रहा था।
- राजकुमार सिंह उर्फ राजू: बागबेड़ा निवासी राजू ने पूरी वारदात में सहयोग प्रदान किया।
इन छह फरार आरोपितों पर घोषित हुआ इनाम
पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है:
- विशाल सिंह (शूटर, जमशेदपुर)
- आशुतोष सिंह (जुगसलाई)
- यशराज सिंह (बागबेड़ा)
- अंकित वर्मा (बागबेड़ा)
- आकाश कुमार प्रसाद (बागबेड़ा)
- जितेंद्र कुमार साहू (जमशेदपुर)
हत्या के पीछे की असली वजह: ठेका और रंजिश
हत्याकांड के पीछे मुख्य रूप से दो कारण सामने आए हैं:
- रेलवे फूड सप्लाई विवाद: बागबेड़ा निवासी यशराज सिंह की कंपनी सारिका इंटरप्राइजेज के पास रेलवे में फूड सप्लाई का ठेका था। विक्रम शर्मा इस ठेके को हथियाना चाहता था और उसने कथित तौर पर यशराज से रंगदारी मांगी थी। इसी विवाद के चलते यशराज ने हत्या की साजिश में साथ दिया।
- जेल की प्रताड़ना का बदला: शूटर विशाल सिंह और आशुतोष सिंह पहले भी जेल जा चुके हैं। जेल में विशाल का विवाद विक्रम के एक करीबी से हुआ था, जिसके बाद विक्रम ने अपने गुर्गों के जरिए विशाल को जेल के अंदर प्रताड़ित कराया था। इसी अपमान का बदला लेने के लिए विशाल ने विक्रम की हत्या का मन बना लिया।
वर्चस्व की जंग
शहर के अपराध जगत में अपना वर्चस्व स्थापित करने और पुराने अपमान का बदला लेने की मंशा से इन सभी आरोपितों ने मिलकर 13 फरवरी को इस सुनियोजित हत्याकांड को अंजाम दिया। फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार शूटरों की तलाश में झारखंड, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।  |
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