पनामा में US ने चीन के साथ किया खेल! छिन गया बंदरगाह; हुआ सरकारी कब्जा; ड्रैगन के लिए कितना बड़ा झटका?
नई दिल्ली। पनामा से एक ऐसी खबर आई है जिसने पड़ोसी चीन को बड़ा झटका दिया है। दरअसल, चीन के हांगकांग की कंपनी से पनामा नहर के दो सबसे अहम बंदरगाह छीन लिए गए हैं। अब इस पर पनामान सरकार का कब्जा हो गया है। पनामा के प्रेसिडेंट जोस राउल मुलिनो ने हांगकांग की कंपनी CK हचिसन होल्डिंग्स लिमिटेड की एक यूनिट द्वारा चलाए जा रहे दो पोर्ट पर कुछ समय के लिए कब्जा करने का ऑर्डर दिया। पनामा नहर के दो मुख्य बंदरगाहों का जाना कहीं न कहीं अमेरिका के लिए फायदा भरा है। दरअसल, अमेरिका नहीं चाहता कि चीन का इस क्षेत्र में कोई
चीन के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, हांगकांग की कंपनी से जिन बंदरगाहों का अधिकार छीना गया है वे पनामा नहर के प्रवेश द्वार पर हैं। इसलिए दोनों बंदरगाह का रणनीतिक महत्व है। जहाज कैनाल से गुजरने से पहले/बाद में यहीं रुकते हैं, माल लोड/अनलोड करते हैं।
चीन और अमेरिका के बीच प्रॉक्सी वॉर
यह मामला सिर्फ बिजनेस का नहीं है। इसे अमेरिका vs चीन की प्रॉक्सी लड़ाई माना जा रहा है। अमेरिका चाहता था कि ये महत्वपूर्ण बंदरगाह चीन से जुड़ी कंपनी के हाथ में न रहें (सुरक्षा के कारण)। कोर्ट के फैसले की अमेरिका ने तारीफ की थी।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राष्ट्रपति ने दिया आदेश
जनवरी 2026 में पनामा की सुप्रीम कोर्ट (टॉप कोर्ट) ने फैसला दिया कि इस कंपनी को दिए गए CK हचिसन की सब्सिडियरी कंपनी पनामा पोर्ट कंपनी (PPC) को अधिकार/ठेका को मंजूरी देने वाला कानून असंवैधानिक है। इसलिए वो ठेका रद्द कर दिया गया। यह कहीं न कहीं चीन के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है।
पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने कहा कि स्ट्रेटेजिक पनामा कैनाल पर बने दो पोर्ट का एडमिनिस्ट्रेशन और ऑपरेशन देश की नेशनल मैरीटाइम अथॉरिटी को वापस कर दिया जाएगा ताकि उनका बिना रुकावट, सुरक्षित और अच्छे से ऑपरेशन पक्का हो सके। इस आदेश के तहत पोर्ट पर चलने वाले इक्विपमेंट शामिल हैं और इसका मतलब मालिकाना हक का पक्का नुकसान नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य क्रेन समेत प्रॉपर्टी वापस कर देगा, “जब कब्जे का तय कारण खत्म हो जाएगा।“ जब तक इक्विपमेंट किसी नई पार्टी को नहीं बेचा जाता, पनामा उसी हिसाब से हर्जाना देगा।
अब इन बंदरगाह को कौन चलाएगा?
पनामा सरकार के आदेश के बाद मार्सक की यूनिट APM टर्मिनल्स, नहर के प्रशांत किनारे पर बाल्बोआ पोर्ट को ऑपरेट करेगी, जबकि MSC की पोर्ट ऑपरेटिंग सब्सिडियरी, टर्मिनल इन्वेस्टमेंट, अटलांटिक किनारे पर क्रिस्टोबल पोर्ट को ऑपरेट करेगी।
वहीं, CK Hutchison ने कहा कि सरकार ने जबरन कब्जा कर लिया और अगर हमने विरोध किया तो आपराधिक कार्रवाई की धमकी दी गई। कंपनी ने ऑपरेशन रोक दिए।
क्या हुआ था पहले?
कई सालों से हांगकांग की CK Hutchison की एक सब्सिडियरी कंपनी (Panama Ports Company) पनामा कैनाल के दोनों तरफ स्थित दो मुख्य बंदरगाहों का संचालन कर रही थी। Balboa (प्रशांत महासागर की तरफ, पनामा सिटी के पास) Cristóbal (अटलांटिक महासागर की तरफ)
ये बंदरगाह पनामा कैनाल के प्रवेश द्वार पर हैं, इसलिए बहुत रणनीतिक महत्व के हैं। जहाज़ कैनाल से गुजरने से पहले/बाद में यहीं रुकते हैं, माल लोड/अनलोड करते हैं।
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