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झारखंड बजट: कोल्हान पर मेहरबान हुई सरकार; मेडिकल कॉलेज, डेयरी प्लांट और पर्यटन को मिली नई रफ्तार

Chikheang 3 hour(s) ago views 197
  

सिदगोड़ा में बना प्रोफेशनल कॉलेज का भवन।



जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड सरकार के अबुआ बजट ने कोल्हान प्रमंडल के लिए विकास के नए द्वार खोल दिए हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और स्वरोजगार को केंद्र में रखते हुए सरकार ने इस क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं, जिनसे स्थानीय युवाओं और किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति कोल्हान के युवाओं के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी जमशेदपुर प्रोफेशनल कॉलेज को लेकर आई है। पिछले आठ वर्षों से लंबित पड़े इस प्रोजेक्ट को सरकार ने हरी झंडी दे दी है। अब इसे इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज के रूप में जाना जाएगा।    शैक्षणिक सत्र 2026-27 से यहां MBA, IPM (इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट) और DCA जैसे प्रोफेशनल कोर्स शुरू होंगे। इसके अतिरिक्त, तकनीकी शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाने के लिए गम्हरिया, खरसावां और आदित्यपुर सहित राज्य के सभी पॉलिटेक्निक कॉलेजों को IIT और NIT की तर्ज पर झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (JET) के रूप में विकसित किया जाएगा।  
स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार इससे गरीब मेधावी छात्रों को अपने ही क्षेत्र में उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग शिक्षा मिल सकेगी। क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरायकेला-खरसावां के सदर अस्पताल को अब मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रूप में अपग्रेड किया जाएगा।    दूसरे चरण के इस विस्तार से स्थानीय निवासियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी होगी। प्रकृति की गोद में बसे कोल्हान को पर्यटन मानचित्र पर उभारने के लिए सरकार ने विशेष प्रावधान किए हैं:

  •     नोवामुंडी पार्क (सारंडा): यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
  •     चाकुलिया इको पार्क: इकोलॉजिकल पार्क के रूप में इसे विकसित कर पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।  
  •     वन विभाग के लिए कुल 1544.75 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है।  

पशुपालन और डेयरी उद्योग

किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरायकेला में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया डेयरी प्लांट स्थापित किया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लैंप्स/पैक्स के माध्यम से सोलर पैनल आधारित कोल्ड रूम का निर्माण होगा, ताकि कृषि उत्पादों का बेहतर संरक्षण हो सके।
सराकर की कल्याणकारी योजनाएं

सरकार अनुसूचित जनजाति, जाति और पिछड़ों के कल्याण पर 3568.19 करोड़ खर्च करेगी। इसी कड़ी में घाटशिला के गालूडीह में पंडित रघुनाथ मुर्मू जनजातीय विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी मिल गई है।   
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