राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश और सिंगापुर डिजिटल ट्रांसफारमेशन, संस्थागत क्षमता और नीतिगत ढांचे पर मिलकर काम करेंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार और सिंगापुर कोआपरेशन एंटरप्राइजेज (एससीई) के साथ करार हुआ है।
वहीं नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 4,458 करोड़ रुपये से कार्गो कैंपस बनाने और एयर केटरिंग किचेन की स्थापना के लिए एआइ सैट्स के साथ करार हुआ।
एयर केटरिंग किचेन से उत्तर भारत के सभी हवाई अड्डों पर खाने की सप्लाई की जाएगी। मंगलवार को सिंगापुर के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री और उद्योग मंत्री गान किम योंग तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के समन्वय मंत्री के शनमुगम से मुलाकात की और निवेश का न्योता दिया।
इस मुलाकात के केंद्र में उत्तर प्रदेश में शहरी नियोजन, आंतरिक सुरक्षा ढांचे और डिजिटल गवर्नेंस में सिंगापुर की विशेषज्ञता का प्रभावी उपयोग रहा। सिंगापुर के उपप्रधानमंत्री के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के रोजगारोन्मुख वातावरण पर चर्चा की।
उन्होंने राज्य के विशाल भूमि बैंक और शीघ्र ही नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (जेवर) से मिलने वाली कनेक्टिविटी को रेखांकित किया। बैठक में दिल्ली-एनसीआर में सिंगापुर की कंपनियों द्वारा औद्योगिक टाउनशिप स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई, जिसमें सेमीकंडक्टर निर्माण और ग्रीन हाइड्रोजन माड्यूल पर जोर रहा।
सिंगापुर के उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने स्वतंत्र वित्तीय कोषों और निजी निवेशकों को राज्य के लाजिस्टिक्स और डाटा सेंटर के क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि नियामक प्रक्रियाओं के सरलीकरण और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली से उत्तर प्रदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स के पूरे होने की समय-सीमा में काफी कमी आई है।
इससे पहले एआइ सैट्स के साथ हुए एमओयू (समझौता ज्ञापन) के अनुसार एआइ सैट्स नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक कार्गो कैंपस का निर्माण करेगी।
यह कार्गो कैंपस न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए एयर फ्रेट और लाजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनेगा। इस परियोजना से निर्यात-आयात गतिविधियों को गति मिलेगी, विशेषकर इलेक्ट्रानिक्स, फार्मा, कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ होगा।
एससीई के साथ हुए एमओयू के अनुसार दोनों पक्ष संबंधित विषयों के अध्ययन के लिए दौरे व लीडरशिप डेलिगेशन का आयोजन करेंगे। दो माह के भीतर विस्तृत परियोजना समझौतों पर बातचीत और छह माह के भीतर उन्हें अंतिम रूप देने का प्रयास किया जाएगा।
सिंगापुर में मिले एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 60 हजार करोड़ के हुए एमओयू : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सिंगापुर में टीम यूपी को लगभग एक लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें से 60 हजार करोड़ रुपये के एमओयू ‘इन्वेस्ट यूपी’ द्वारा संपन्न किए जा चुके हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश को एक ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो दिनों में उन्होंने 100 से अधिक कंपनियों के प्रतिनिधियों से भेंट की है।
सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उपप्रधानमंत्री, गृहमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ भी उनकी सकारात्मक व सार्थक वार्ता हुई।
इसके अतिरिक्त प्रमुख फिनटेक कंपनियों के अध्यक्ष व सीईओ के साथ भी बैठकें की गईं। देश के सबसे बड़े एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित हो रहे गंगा एक्सप्रेसवे में भी सिंगापुर की कुछ कंपनियों ने निवेश किया है।
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ कार्गो सुविधा और एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहालिंग) विकसित करने के लिए सिंगापुर की दक्षता का अध्ययन किया गया।
सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में भारत सहित विश्व के अनेक विमान अपने एमआरओ कार्यों के लिए सिंगापुर आते हैं। यह सुविधा भारत में, विशेषकर जेवर में विकसित की जा सकती है।
मुख्यमंत्री बिजनेस फेडरेशन सिंगापुर द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टमेंट रोड शो में बिजनेस लीडर्स संवाद कार्यक्रम में निवेशकों को संबोधित किया।
उन्होंने संवाद में शामिल सभी निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक विदेशी निवेश सिंगापुर की कंपनियों द्वारा किया जाता है। उन्होंने टेमासेक, जीएसएस ग्रीन, यूएससी, जीआइसी, सैप कोर्स, ब्लैक स्टोन के अध्यक्षों के साथ भी मुलाकात की।
इन अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ हुए एमओयू-
- ब्लू प्लैनेट के साथ इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए।
- एसी एविएशन के साथ एमआरओ व हेलीकाप्टर पार्ट्स के लिए।
- गायत्री चेन एफएनबी एंड एसोसिएट्स के साथ केटरिंग के क्षेत्र में।
- केएलके वेंचर्स के साथ सोलर पैनल निर्माण के लिए ।
- इश्तारा ज्वेलरी और क्रिएटिव मीडिया प्रोडक्शन के क्षेत्र में।
- सम्बकार्प, एसआइसीसीआइ और मेपलट्री कंपनी ने भी निवेश प्रस्ताव दिया है।
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