राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद ने परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
कक्षा एक से आठवीं तक की परीक्षाएं 16 मार्च से 20 मार्च तक पांच दिनों में दो पालियों में होंगी। कक्षा एक के बच्चों की परीक्षा पूरी तरह मौखिक होगी, जबकि कक्षा छह से आठवीं तक परीक्षा पूरी तरह लिखित रूप में ली जाएगी।
पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे और दूसरी पाली 12:30 बजे से 2:30 बजे तक चलेगी। वार्षिक परीक्षा के लिए माडल प्रश्नपत्र (लिखित और मौखिक) जिला स्तर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) तैयार करेगा और इसकी जानकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को देगा।
इसके बाद बीएसए प्रश्नपत्र का प्रकाशन कराकर विद्यालयों तक पहुंचाएंगे। मूल्यांकन व्यवस्था को कक्षा अनुसार अलग-अलग रखा गया है। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा केवल मौखिक होगी। कक्षा दो से पांचवीं तक लिखित और मौखिक दोनों परीक्षाएं होंगी।
इनमें कक्षा दो और तीन में लिखित व मौखिक का भारांक 50-50 प्रतिशत रहेगा, जबकि कक्षा चौथी और पांचवीं में लिखित 70 प्रतिशत और मौखिक 30 प्रतिशत रहेगा। कक्षा छह से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा पूरी तरह लिखित होगी।
यह परीक्षा 50 अंकों की होगी और इसमें बहुविकल्पीय, अति लघु उत्तरीय, लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न शामिल किए जाएंगे। लिखित परीक्षा की अवधि दो घंटे तय की गई है। वहीं मौखिक परीक्षा की तिथि विद्यालय स्तर पर प्रधानाध्यापक अपने अनुसार निर्धारित करेंगे।
शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल ने परीक्षा कार्यक्रम और मूल्यांकन से संबंधित दिशा-निर्देश सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी कर दिए हैं।
इसमें कहा गया है कि परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाएं विद्यालय स्तर पर सुरक्षित रखी जाएं। साथ ही परिणाम घोषित कर 30 मार्च तक अभिभावकों की उपस्थिति में रिपोर्ट कार्ड विद्यार्थियों को वितरित किए जाएं।
बेसिक शिक्षा में बच्चों के पंजीयन की स्थिति
बेसिक शिक्षा परिषद के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 1,32,844 परिषदीय विद्यालयों में इस सत्र में लगभग 1.38 लाख बच्चों का नामांकन हुआ है। वहीं, 2,879 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में करीब चार लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, 79,065 मान्यता प्राप्त (विहीन श्रेणी) विद्यालयों में लगभग 1.07 लाख बच्चों का पंजीयन है।  |