जागरण संवाददाता, गयाजी। गयाजी शहर में मनसरवा नाले के विस्तारीकरण और पक्कीकरण को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता शशांक शुभंकर ने की। इसमें नगर आयुक्त अभिषेक पलासिया, आरसीडी के अभियंता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में बताया गया कि मनसरवा नाला नगर निगम क्षेत्र के 18 बड़े नालों में से एक है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 3.02 किलोमीटर है। यह नाला मानसरोवर कॉलोनी से निकलकर मधुसूदन कॉलोनी, लोयला स्कूल, पंत नगर, अशोक विहार, बाईपास, घुंघड़ीटांड, नारायणीमाई पुल, मयूर विहार कॉलोनी, विष्णुपुरी कॉलोनी और लखनपुरा होते हुए फल्गु नदी के समानांतर बहते हुए ब्राह्मणी घाट के पास फल्गु नदी में मिल जाता है।
इस नाले से नगर निगम के वार्ड संख्या 40, 44, 45 और 46 सहित आसपास के पंचायत क्षेत्रों की करीब दो लाख आबादी प्रभावित होती है। वर्तमान में नाले की सफाई वार्ड और भूमिगत सफाईकर्मियों द्वारा नियमित रूप से कराई जाती है। मानसून से पहले पूरे नाले की सफाई के लिए लगभग 1600 मानव-दिवस और मशीनों का उपयोग किया जाता है।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि नाले का अधिकांश हिस्सा कच्चा होने के कारण इसमें जल्द ही सिल्ट भर जाती है, जिससे बार-बार सफाई की आवश्यकता पड़ती है, इसलिए नाले के कच्चे हिस्सों का शीघ्र पक्कीकरण कराया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण के दौरान लेवलिंग की पूरी जांच की जाए ताकि कहीं भी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो सके। साथ ही नाले के रास्ते में जहां भी अतिक्रमण है, उसे चिन्हित कर हटाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में बंगाली आश्रम से विष्णुपद मंदिर जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में यह सड़क 5.50 मीटर चौड़ी है, जिसे पथ निर्माण विभाग द्वारा बढ़ाकर सात मीटर किया जा रहा है। पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखते हुए जुलाई तक हर हाल सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
सड़क के बीच में आने वाले बिजली के खंभों को किनारे शिफ्ट किया जाएगा, ताकि ट्रैफिक का आवागमन सुचारू रह सके। साथ ही मोक्षभूमि गयाजी के प्रचार के लिए आकर्षक साइन बोर्ड लगाने, सड़क पर जलजमाव नहीं हो इसके लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने तथा सड़क चौड़ीकरण के दौरान निगम की जलापूर्ति पाइपलाइन को सुरक्षित रखते हुए हटाने का भी निर्देश दिया गया।  |