search
 Forgot password?
 Register now
search

लड़ाकू विमानों का बेड़ा बढ़ाएगी वायुसेना, दो मोर्चों पर युद्ध की स्थिति को देखते हुए बढ़ोतरी निश्चित

deltin33 2025-9-25 18:00:17 views 1253
  लड़ाकू विमानों का बेड़ा बढ़ाएगी वायुसेना (फाइल फोटो)





पीटीआई, नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना अपनी आक्रामक ताकत को अनिवार्य 42 लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
दो मोर्चे पर युद्ध की स्थिति के लिए तैयार हो रही वायुसेना




एक रक्षा सूत्र के अनुसार, \“\“दक्षिण एशिया क्षेत्र की स्थिति और भू-राजनीतिक उथल-पुथल को देखते हुए शीर्ष अधिकारियों और नीति निर्माताओं का मानना है कि 42 लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन की अनिवार्य ताकत पर्याप्त नहीं है।\“\“



उन्होंने आगे कहा, \“\“आंतरिक समीक्षा के अनुसार, 42 की अनिवार्य संख्या पर्याप्त नहीं है, और संभावना है कि आने वाले समय में इस संख्या में और वृद्धि हो सकती है।\“\“ यह घटनाक्रम ऑपरेशन सिंदूर के चार महीने बाद हुआ है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
42 लड़ाकू विमानों के स्क्वाड्रन में 25-35 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना


President Trump, us news, world news, president donald trump, trump news, राष्ट्रपति ट्रंप, NATO, Russian jets, Russian jets in NATO territory, russia news, russia Ukraine war, russia Ukraine war news, russia Ukraine news, Volodymyr Zelenskyy, victory plan, President Zelensky, Vladimir putin

सेना के शीर्ष अधिकारियों ने चार दिवसीय संघर्ष को चीन द्वारा अपने छद्म पाकिस्तान के माध्यम से अपने सैन्य साजो-सामान का परीक्षण करने का एक परीक्षण स्थल बताया।



नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में उप-सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल ¨सह ने इस बात पर जोर दिया कि चीन अपनी हथियार प्रणालियों का आकलन करने के लिए वास्तविक संघर्षों को एक \“लाइव लैब\“ की तरह इस्तेमाल कर रहा है, \“\“जिसे बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए\“\“।

दो मोर्चों पर युद्ध की स्थिति के दबाव को देखते हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों की संख्या को 42 स्क्वाड्रन की सीमा से ऊपर बढ़ाने पर गहन चर्चा चल रही है।


प्रत्येक स्क्वाड्रन में 16-18 जेट होते हैं




सूत्रों के अनुसार, इस संख्या में 25-35 प्रतिशत की वृद्धि होने की संभावना है। प्रत्येक स्क्वाड्रन में 16-18 जेट होते हैं। नए अधिदेश के लिए सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से भी मंजूरी लेनी होगी। भारतीय वायुसेना पहले से ही लड़ाकू विमानों की घटती स्क्वाड्रनों की एक बड़ी समस्या का सामना कर रही है।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
467497

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com