चेन्नई : तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत में सक्रिय अभिनेता-राजनेता जोसेफ विजय चंद्रशेखर (विजय) की निजी जिंदगी में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उनकी पत्नी संगीता विजय ने पारिवारिक अदालत में विवाह विच्छेद की याचिका दायर की है। इस कदम ने न सिर्फ फिल्मी गलियारों बल्कि राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज कर दी है। तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) के संस्थापक विजय इन दिनों सक्रिय राजनीति में कदम बढ़ा रहे हैं। ऐसे समय में उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी यह कानूनी कार्यवाही सार्वजनिक जीवन पर भी असर डाल सकती है।
विशेष विवाह अधिनियम के तहत तलाक की मांग
संगीता विजय ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत तलाक की याचिका दाखिल की है। उन्होंने अदालत को बताया कि उनका विवाह अब “अपूरणीय रूप से टूट चुका है” और साथ रहना संभव नहीं रह गया है। याचिका में कहा गया है कि लंबे समय से संबंधों में तनाव बना हुआ था और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य समाप्त हो चुका है। संगीता ने अदालत से विवाह विच्छेद का आदेश देने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार, यह याचिका 10 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होने की संभावना है। अदालत में प्रारंभिक सुनवाई के दौरान आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
विवाहेतर संबंध और मानसिक क्रूरता के आरोप
याचिका में संगीता विजय ने अपने पति पर एक अभिनेत्री के साथ विवाहेतर संबंध होने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, संबंधित अभिनेत्री का नाम सार्वजनिक रूप से उजागर नहीं किया गया है। संगीता ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से विजय ने उनसे भावनात्मक दूरी बना ली थी। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार मानसिक क्रूरता, उपेक्षा और परित्याग का सामना करना पड़ा। याचिका में कहा गया है कि वह वैवाहिक घर में रहते हुए भी अलग-थलग जीवन जीने को मजबूर थीं। संगीता के अनुसार, परिस्थितियां इस हद तक बिगड़ गई थीं कि विवाह को बचाने की कोई संभावना नहीं बची।
बंद कमरे में सुनवाई की मांग
इस मामले को लेकर संगीता विजय ने अदालत से विशेष अनुरोध किया है कि सुनवाई ‘इन-कैमरा’ यानी बंद कमरे में की जाए। उन्होंने अंतरिम आदेश की मांग करते हुए कहा है कि इंटरनेट मीडिया, यूट्यूब चैनलों और प्रिंट व डिजिटल मीडिया को इस मामले पर चर्चा या सामग्री प्रकाशित करने से रोका जाए। संगीता का तर्क है कि यदि इस मामले की खुली चर्चा होती है, तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर मानसिक पीड़ा और सार्वजनिक अपमान का सामना करना पड़ सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि पारिवारिक मामलों में, खासकर जब प्रतिष्ठित व्यक्तियों का मामला हो, अदालतें अक्सर गोपनीयता बनाए रखने के लिए इन-कैमरा सुनवाई की अनुमति देती हैं।
दो बार हुआ विवाह, लंबा साथ
याचिका में विवाह की पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया गया है। संगीता और विजय का विवाह 10 जुलाई 1998 को यूनाइटेड किंगडम में पंजीकृत हुआ था। इसके बाद 25 अगस्त 1999 को चेन्नई में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह समारोह संपन्न हुआ। करीब ढाई दशक पुराने इस रिश्ते के टूटने की खबर ने प्रशंसकों को चौंका दिया है। दोनों लंबे समय से सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आते रहे हैं और पारिवारिक आयोजनों में भी उनकी उपस्थिति चर्चा में रहती थी।
राजनीतिक और फिल्मी हलकों में हलचल
विजय हाल के वर्षों में फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय हुए हैं। उन्होंने तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) नामक राजनीतिक दल की स्थापना की है और आगामी चुनावी रणनीतियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। ऐसे समय में तलाक की याचिका दायर होने से राजनीतिक विरोधियों को मुद्दा मिल सकता है। हालांकि, विजय की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। फिल्मी जगत में भी इस खबर को लेकर चर्चाएं तेज हैं, लेकिन संबंधित अभिनेत्री का नाम सामने न आने से अटकलों का दौर जारी है।
कानूनी प्रक्रिया आगे क्या?
अब यह मामला पारिवारिक अदालत में विचाराधीन है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद अदालत यह तय करेगी कि क्या सुलह की संभावना है या सीधे मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि दोनों पक्ष सहमति से अलग होने का फैसला करते हैं, तो प्रक्रिया अपेक्षाकृत जल्दी पूरी हो सकती है। अन्यथा आरोप-प्रत्यारोप और साक्ष्यों की जांच के साथ मामला लंबा चल सकता है।
गोपनीयता के अनुरोध पर अदालत का रुख भी अहम रहेगा। यदि मीडिया कवरेज पर आंशिक या पूर्ण रोक लगती है, तो मामले की जानकारी सीमित रूप से ही सार्वजनिक हो पाएगी।
फिलहाल चुप्पी बरकरार
विजय या उनकी टीम की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक दल टीवीके की ओर से भी इस विषय पर कोई बयान जारी नहीं किया गया है। सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हस्तियों के निजी विवाद अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं, लेकिन अदालत की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कानूनी सीमाएं भी लागू हो जाती हैं। आने वाली सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि अदालत इस मामले को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और क्या दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की सुलह की संभावना बनती है या विवाह विच्छेद की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी। फिलहाल, तमिलनाडु की राजनीति और सिनेमा जगत की इस प्रमुख जोड़ी का भविष्य अदालत के फैसले पर निर्भर करता दिख रहा है।

Editorial Team
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