बगदाद। West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास एक अमेरिकी तेल टैंकर पर बड़ा हमला हुआ है। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर मौजूद अन्य 27 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, इस हमले में ईरान की एक सुसाइड बोट के इस्तेमाल की आशंका जताई जा रही है। यह घटना इराक की समुद्री सीमा के भीतर हुई।
‘सेफसी विष्णु’ टैंकर को बनाया गया निशाना
जिस जहाज पर हमला हुआ उसका नाम ‘सेफसी विष्णु’ है। यह कच्चा तेल ले जाने वाला एक बड़ा टैंकर है। जहाज अमेरिका से जुड़ा हुआ है, हालांकि उस पर मार्शल आइलैंड्स का झंडा लगा हुआ था। हमले के समय जहाज पर कुल 28 लोग मौजूद थे। इनमें से एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत हो गई, जबकि बाकी 27 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। सभी बचाए गए लोगों को इराक के बसरा शहर ले जाया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है।
भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
इस घटना के बाद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की। दूतावास ने बताया कि जहाज पर मौजूद 15 भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। दूतावास ने कहा कि वह लगातार इराकी अधिकारियों और बचाए गए भारतीय नाविकों के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही हमले में मारे गए भारतीय नागरिक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना भी व्यक्त की गई है।
कंपनी ने जताया दुख
जहाज संचालित करने वाली कंपनी ‘सेफसी’ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। कंपनी ने भारत सरकार से इस हमले की कड़ी निंदा करने की अपील की है। कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच समुद्र में काम करने वाले नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर में जहाजों पर काम करने वाले नाविकों में 15 प्रतिशत से अधिक भारतीय होते हैं। ऐसे में समुद्री हमलों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सबसे अधिक खतरा रहता है।
टैंकर की खासियत
‘सेफसी विष्णु’ एक बड़ा कच्चा तेल ढोने वाला टैंकर है, जिसे वर्ष 2007 में बनाया गया था। इस जहाज की लंबाई लगभग 228 मीटर और चौड़ाई करीब 32 मीटर है। हमले के बाद इस जहाज और आसपास के समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
भारत-ईरान वार्ता के बाद मिली राहत
इस बीच एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। ईरान ने भारत के तेल टैंकरों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया। दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मौजूदा तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति बाधित न हो।
होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक महत्व
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। इसी रास्ते से वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति होती है। इस मार्ग में किसी भी प्रकार का तनाव या अवरोध अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर सीधा प्रभाव डाल सकता है।
खाड़ी में तीन जहाजों पर भी हमला
इसी बीच खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों में सुरक्षा स्थिति और गंभीर हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, तीन व्यापारी जहाजों पर प्रोजेक्टाइल दागे गए हैं। इन घटनाओं से समुद्री व्यापार और जहाजों की आवाजाही को लेकर खतरा बढ़ गया है।
हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ये घटनाएं ऐसे समय में सामने आ रही हैं जब करीब दो सप्ताह पहले अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए थे। इसके बाद से पूरे मध्य पूर्व में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक लगभग 2000 लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री परिवहन पर भी इसका गहरा असर पड़ रहा है।
तेल की कीमतों पर चेतावनी
ईरान की सैन्य कमान के एक प्रवक्ता ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर क्षेत्र में तनाव जारी रहा तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा, “तेल की कीमतें क्षेत्र की सुरक्षा पर निर्भर करती हैं और इस क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए अमेरिका जिम्मेदार है।” इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक तेल बाजार को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

Editorial Team
US oil tanker attackedIndian sailor killedUS Iran WarIranian suicide boatWest Asia CrisisStrait of Hormuz
Next Story |