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NCERT की नई किताब में चुनाव आयोग और SIR पर विशेष ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 98

नई दिल्ली। भारत की चुनावी व्यवस्था और मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच NCERT ने कक्षा 9 की सामाजिक विज्ञान की नई पुस्तक में चुनाव आयोग की भूमिका और एसआईआर प्रक्रिया को विस्तार से शामिल किया है। नई पाठ्यपुस्तक में भारतीय चुनाव प्रणाली को दुनिया की सबसे व्यापक और संगठित लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक बताया गया है तथा चुनाव आयोग की जिम्मेदारियों और चुनावी प्रक्रियाओं को विद्यार्थियों के लिए सरल भाषा में समझाया गया है।



चुनाव आयोग की भूमिका को विस्तार से समझाया

नई पुस्तक में बताया गया है कि भारत का चुनाव आयोग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संवैधानिक संस्था है, जो देशभर में चुनाव प्रक्रिया का संचालन करती है। किताब के अनुसार आयोग का प्रमुख उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर उपलब्ध कराना और पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी तथा विश्वसनीय बनाए रखना है।
पुस्तक में मतदाता सूची तैयार करने, चुनाव कार्यक्रम घोषित करने, मतदान संपन्न कराने और चुनाव परिणामों की निगरानी जैसी आयोग की प्रमुख जिम्मेदारियों का भी उल्लेख किया गया है। साथ ही लोकतंत्र में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए चलाए जाने वाले जागरूकता अभियानों को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।




SIR पर अलग सेक्शन, मतदाता सूची अपडेट करने की जानकारी

नई किताब में Special Intensive Revision (SIR) पर एक अलग अध्याय शामिल किया गया है। इसमें बताया गया है कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को समय-समय पर अद्यतन करना, पात्र मतदाताओं का सत्यापन करना और सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करना है।
पाठ्यपुस्तक के अनुसार यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाएं और अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची में शामिल न हों। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया है कि मतदाता सूची का नियमित पुनरीक्षण चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।




EVM, VVPAT और आचार संहिता पर भी जानकारी

सामाजिक विज्ञान की इस पुस्तक में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), वीवीपैट (VVPAT), आदर्श आचार संहिता और मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों पर भी विस्तृत जानकारी दी गई है। छात्रों को चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न चरणों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के उद्देश्य से इन विषयों को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
गठबंधन राजनीति को समझने के लिए विशेष गतिविधि





पुस्तक में गठबंधन राजनीति को समझाने के लिए एक गतिविधि आधारित अध्याय भी जोड़ा गया है। इसमें विद्यार्थियों से 1977, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद बनी सरकारों और विभिन्न राजनीतिक गठबंधनों का अध्ययन करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को भारतीय लोकतंत्र में गठबंधन सरकारों की भूमिका और राजनीतिक बदलावों की समझ विकसित कराना है।
नए अध्याय पर राजनीतिक बहस की संभावना

चुनाव आयोग और एसआईआर को लेकर हाल के समय में विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी रही है। ऐसे समय में इन विषयों को NCERT की नई पाठ्यपुस्तक में शामिल किए जाने को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ सकती हैं।
जहां एक पक्ष इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से छात्रों को परिचित कराने की पहल मान सकता है, वहीं विपक्ष पहले से चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े मुद्दे उठाता रहा है। ऐसे में नए अध्याय को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श तेज होने की संभावना जताई जा रही है।






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