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भारतीय मेडटेक क्षेत्र को आईआईटी की नई प्रयो ...

deltin55 1970-1-1 05:00:00 views 49

नई दिल्ली, भारत में चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी के क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में आईआईटी दिल्ली ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। संस्थान के राष्ट्रीय ट्रांसलेशनल प्लेटफॉर्म एमप्रगति में अत्याधुनिक सीएनसी तथा स्टेरिलाइजेशन एवं पैकेजिंग प्रयोगशाला शुरू की गई है। यहां मरीजों के लिए प्रत्यारोपण, सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले बेहद सटीक उपकरण, नई जांच तकनीके विकसित की जाएंगी।
  इन नई सुविधाओं का उद्देश्य चिकित्सा उपकरणों और नैदानिक टेक्नोलॉजी को प्रयोगशाला से सीधे अस्पतालों व बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को तेज बनाना है। इस पहल से चिकित्सा प्रत्यारोपण, सर्जिकल उपकरण, दंत चिकित्सा उपकरण और विभिन्न जांचों में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण पुर्जों को देश में ही अधिक सटीकता के साथ तैयार किया जा सकेगा। इससे विदेशी उपकरणों और आयातित पुर्जों पर निर्भरता कम होगी और भारतीय तकनीक को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।




  नई सीएनसी सुविधा आधुनिक मशीनिंग तकनीकों से लैस है, जिससे शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों को अपने विचारों को वास्तविक उत्पादों में बदलने में मदद मिलेगी। यानी प्रयोगशाला में बना मॉडल अब तेजी से अस्पतालों तक पहुंच सकेगा। दरअसल किसी भी मेडिकल उपकरण के लिए केवल उसका निर्माण ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसका पूरी तरह सुरक्षित और संक्रमण-मुक्त होना भी उतना ही जरूरी है।
  इसी उद्देश्य से नई स्टेरिलाइजेशन एवं पैकेजिंग प्रयोगशाला स्थापित की गई है। यहां उपकरणों को कीटाणुरहित बनाने, उनकी गुणवत्ता जांचने, सुरक्षित पैकेजिंग करने और उनकी उपयोग अवधि का परीक्षण करने जैसी सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। लेजर वेल्डिंग, लेजर मार्किंग, बैच कोडिंग और वैक्यूम पैकेजिंग जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं भी यहां मौजूद हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने आईआईटी दिल्ली की इस लेबोरेटरी की शुरुआत की है।




  आईआईटी के मुताबिक यह प्रयोगशाला मल्टी-एक्सिस मशीनिंग, स्विस-टाइप टर्निंग और हाई-स्पीड मिलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है। साथ ही रोगी-विशिष्ट तथा मानकीकृत दोनों प्रकार के उपकरणों और पुर्जों के निर्माण में सक्षम है। आईआईटी दिल्ली की ये नई सुविधाएं केवल शोधकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के मेडटेक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  इससे भारत में विकसित चिकित्सा तकनीकों को व्यावसायिक रूप देने में मदद मिलेगी, आयात पर निर्भरता घटेगी और मरीजों तक बेहतर व सस्ती स्वास्थ्य तकनीकें तेजी से पहुंच सकेंगी। प्रयोगशाला में चिकित्सा एवं जैविक अनुसंधान के लिए आवश्यक अत्याधुनिक परीक्षण अवसंरचना भी स्थापित की गई है। इनमें थर्मल साइक्लर, रियल-टाइम पीसीआर प्रणाली, ट्रांस-ब्लॉट प्रणाली आदि कई सुविधाएं शामिल हैं।






DB Desk



Science and techonologyIndian MedTech sectorgets a boost from new IIT laboratory









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