न्यूयॉर्क (मेटलाइफ स्टेडियम): फीफा विश्व कप 2026 में छह बार की विश्व चैंपियन बनने का सपना संजोए ब्राजील का सफर राउंड ऑफ-16 में ही समाप्त हो गया। मेटलाइफ स्टेडियम में खेले गए बेहद रोमांचक मुकाबले में नॉर्वे ने ब्राजील को 2-1 से हराकर पहली बार विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इस हार के साथ ब्राजील का अभियान तो खत्म हुआ ही, वहीं मैच के बाद स्टार फुटबॉलर नेमार ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर करोड़ों प्रशंसकों को भावुक कर दिया।
हार के बाद भावुक हुए नेमार, किया संन्यास का एलान
ब्राजील की हार के बाद मैदान पर नेमार अपने आंसू नहीं रोक सके। टीम के साथी राफिन्हा और मार्क्विनहोस ने उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन वह रोते हुए ही ड्रेसिंग रूम की ओर लौटे। मैच के बाद उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को विराम देने का फैसला सुनाया। नेमार ने कहा, "मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की। अब मेरा सफर यहीं खत्म होता है। मैंने यहीं से शुरुआत की थी और अब यहीं इसे समाप्त कर रहा हूं।" उनके इस बयान के साथ ब्राजील फुटबॉल के एक सुनहरे दौर का भी अंत माना जा रहा है।
हालंद ने दो गोल कर पलटा मैच
मुकाबले की शुरुआत में ब्राजील ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और कई आक्रामक हमले किए, लेकिन नॉर्वे का रक्षापंक्ति लगातार मजबूती से डटी रही। मैच का निर्णायक मोड़ 79वें मिनट में आया, जब आंद्रेस स्केजलडेरप के शानदार क्रॉस पर एरलिंग हालंद ने दमदार हेडर लगाकर नॉर्वे को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके कुछ ही मिनट बाद हालंद ने एक और बेहतरीन मूव पूरा करते हुए अपना दूसरा गोल दाग दिया। इस गोल ने ब्राजील की वापसी की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया। इंजरी टाइम में कैसेमीरो पर फाउल के बाद ब्राजील को पेनल्टी मिली, जिसे नेमार ने अतिरिक्त समय के 10वें मिनट में गोल में बदल दिया। हालांकि यह गोल केवल हार का अंतर कम करने तक ही सीमित रहा और नॉर्वे ने 2-1 से मुकाबला जीत लिया।
ब्राजील के महान खिलाड़ियों में गिने जाएंगे नेमार
नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन एक और उपलब्धि के साथ किया। नॉर्वे के खिलाफ किया गया गोल उनके करियर का 80वां अंतरराष्ट्रीय गोल था। उन्होंने ब्राजील के लिए 130 मैचों में 80 गोल और 59 असिस्ट दर्ज किए और देश के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपने करियर का अंत किया। अपने लंबे करियर में नेमार ने 2013 फीफा कन्फेडरेशन कप जीतने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा 2016 रियो ओलंपिक में ब्राजील को पहला ओलंपिक फुटबॉल स्वर्ण पदक दिलाने में भी उनका योगदान ऐतिहासिक रहा। हालांकि लगातार चोटों ने उनके करियर को कई बार प्रभावित किया, लेकिन इसके बावजूद वह ब्राजील फुटबॉल के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल रहे।
कोच ने फिटनेस पर जताया था भरोसा
विश्व कप से पहले नेमार की फिटनेस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। बावजूद इसके मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें 26 सदस्यीय विश्व कप टीम में जगह दी। टूर्नामेंट में नेमार से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन ब्राजील अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका।
ब्राजील के नाम दर्ज हुआ अनचाहा रिकॉर्ड
इस हार के साथ ब्राजील के नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया। टीम लगातार सातवीं बार विश्व कप के नॉकआउट चरण में किसी यूरोपीय टीम के हाथों हारकर बाहर हुई है। इसके अलावा 1990 के बाद यह पहला अवसर है, जब ब्राजील विश्व कप के इतने शुरुआती चरण में टूर्नामेंट से बाहर हुआ।
नॉर्वे की ऐतिहासिक उपलब्धि, हालंद गोल्डन बूट की दौड़ में
दूसरी ओर, नॉर्वे ने इस जीत के साथ नया इतिहास रच दिया। टीम पहली बार फीफा विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची है। इस जीत के सबसे बड़े नायक एरलिंग हालंद रहे, जिन्होंने दोनों गोल दागकर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई। हालंद अब टूर्नामेंट में सात गोल के साथ गोल्डन बूट की दौड़ में लियोनेल मेसी और किलियन एमबाप्पे की बराबरी पर पहुंच गए हैं। उनकी शानदार फॉर्म नॉर्वे के लिए खिताब की उम्मीदों को और मजबूत करती नजर आ रही है।

Editorial Team
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