




सरकारी कंपनी ने अपने बिजनेस को सिर्फ कोयले तक सीमित नहीं रखने का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अब तेजी से ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में कोल इंडिया ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL) के साथ एक नई जॉइंट वेंचर (JV) डील साइन की है। इस डील के जरिए उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स लगाए जाएंगे। आइए इस जॉइंट वेंचर डील के बारे में जानते हैं। कंपनी की एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, यह नया JV ग्राउंड-माउंटेड सोलर, फ्लोटिंग सोलर, पंप्ड स्टोरेज, विंड एनर्जी और दूसरे ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स डेवलप करेगा। इसके अलावा बिजली की बिक्री और उससे जुड़े दूसरे बिजनेस भी इस कंपनी के तहत होंगे।मतलब अब अपनी कमाई के लिए सिर्फ कोयले पर निर्भर नहीं रहना चाहती।नई जॉइंट वेंचर कंपनी में Coal India की हिस्सेदारी 51% होगी, जबकि UPRVUNL के पास 49% हिस्सेदारी रहेगी। यानी कंपनी में कंट्रोल Coal India के पास ही रहेगा। रिपोर्ट के अनुसार यह नई कंपनी प्राइवेट लिमिटेड के रूप में बनाई जाएगी। इसकी शुरुआती पेड-अप कैपिटल 10 लाख रुपये होगी, जबकि ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल 10 करोड़ रुपये तय किया गया है। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस लखनऊ, उत्तर प्रदेश में होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मेजोरिटी स्टेक होने से कोल इंडिया को लॉन्ग टर्म में इस बिजनेस का बड़ा फायदा मिल सकता है।JV कंपनी के बोर्ड में कुल 5 डायरेक्टर होंगे। इनमें Coal India तीन डायरेक्टर नियुक्त करेगी, जिसमें चेयरपर्सन भी शामिल होगा। वहीं UPRVUNL दो डायरेक्टर नियुक्त करेगा। इससे साफ है कि फैसलों में कोल इंडिया की पकड़ ज्यादा मजबूत रहने वाली है।इस समझौते के तहत दोनों पार्टनर्स को Future Share Issuance में Pre-emptive Rights दिए गए हैं ताकि वे अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकें। साथ ही शेयर 5 साल तक लॉक-इन रहेंगे। यानी फिलहाल कोई भी पार्टनर आसानी से अपनी हिस्सेदारी बेच नहीं सकेगा।डिस्क्लेमर : यह खबर केवल जानकारी के लिए है। इसे किसी भी स्टॉक में खरीदारी या बिकवाली की सलाह ना समझें। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन होता है, इसलिए किसी भी निवेश से पहले किसी एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें। |