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कश्मीर में हमला करने के लिए एक नया संगठन बनाने की फिराक में पाकिस्तान, भारत पूरी तरह सतर्क

cy520520 2025-9-25 18:06:24 views 1286
  कश्मीर में हमले करने के लिए एक नया संगठन बनाने की फिराक में पाकिस्तान की ISI (सांकेतिक तस्वीर)





आइएएनएस, नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को बंद करने और जम्मू-कश्मीर में हमले करने के लिए एक नया संगठन बनाने की फिराक में है।
पाकिस्तान को बचाने के लिए टीआरएफ को बंद करने पर भी विचार


भारतीय एजेंसियों का कहना है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) और जम्मू-कश्मीर पुलिस टीआरएफ के बारे में इतनी जानकारी इकट्ठा कर चुकी हैं कि आइएसआइ के लिए यह शर्मिंदगी की बात हो रही है। उसे उम्मीद नहीं थी कि भारतीय एजेंसियां इतनी तेजी से वित्तीय लेन-देन से जुड़े आंकड़े इकट्ठा कर लेंगी। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें


पहलगाम हमले की जिम्मेदारी रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी


आज खुफिया जानकारी जुटाने की क्षमताएं बदल गई हैं। इसके अलावा, नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा आतंकवाद के प्रति जीरो टालरेंस पर जोर देने से एजेंसियां और अधिक सतर्क हो गई हैं। खुली छूट मिलने से एजेंसियां बेहतर समन्वय कर सकती हैं और रिकार्ड गति से जानकारियां एकत्र कर सकती हैं।

पहलगाम हमले के बाद द रेजिस्टेंस फ्रंट ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, जिस तरह से उसने इतनी जल्दी अपना बयान पलटा, उससे यही लगता है कि आइएसआइ इस संगठन से जुड़े हर निशान को मिटा देना चाहती थी।


एनआइए को जांच का काम सौंपा गया था


एनआइए को जांच का काम सौंपा गया था। उसने पहलगाम हमले के बाद से इस संगठन के वित्तीय संबंधों से जुड़ी ठोस जानकारी जुटाई है। 400 से ज्यादा कॉल रिकॉर्ड सामने आए हैं जो मलेशिया और खाड़ी देशों में किए गए थे। ये सभी काल संगठन के लिए धन जुटाने से संबंधित थे।

एनआइए को पता चला है कि ज्यादातर धन इन्हीं देशों से आया है, और ज्यादातर दान के रूप में। यासिर हयात नामक एक मलेशियाई नागरिक इस संगठन को कथित तौर पर नौ लाख रुपये देने के आरोप में रडार पर है। पहलगाम हमले के बाद फिलहाल टीआरएफ को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।Ganga River, climate change, Weather news, Summer, Summer news Weather Update, Weather News updates, Heavy rain in India, Weather India news, Weather Forecast , Monsoon 2024, Meteorological Department, Monsoon 2024 Update,


एनआइए का मुख्य ध्यान फंडिंग का पता लगाने पर है


इस संगठन को पूरी तरह से रडार से हटाने और अंतत: इसे खत्म करने की यह आइएसआइ की एक सोची-समझी चाल है। हालांकि, भारतीय एजेंसियों का कहना है कि अगर आइएसआइ इस संगठन को खत्म भी कर देती है, तो भी वह अंतत: जम्मू-कश्मीर में अपनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक नया संगठन बना लेगी।

पहलगाम हमले की व्यापक साजिश की जांच करते हुए एनआइए का मुख्य ध्यान फंडिंग का पता लगाने पर है। यह मुख्य रूप से वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) के समक्ष केस मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है ताकि पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में डाला जा सके।


पाकिस्तान नहीं उठाएगा जोखिम


पाकिस्तान फिलहाल एफएटीएफ की सूची में बने रहने का जोखिम नहीं उठा सकता क्योंकि चीन और अमेरिका के मामले में उसकी कई प्रतिबद्धताएं हैं। ज्यादा चिंता चीन की ओर से है जिसने पाकिस्तान से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना 2.0 (सीपीईसी) के लिए धन जुटाने को कहा है।

सीपीईसी 1 के दौरान बीएलए और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के हमलों के कारण चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पाकिस्तानी सेना इन संगठनों पर लगाम लगाने में नाकाम रही है।


एक खनिज समझौते पर हस्ताक्षर


ऐसी स्थिति में जब पाकिस्तान ने सीपीईसी 2.0 और अमेरिका के साथ एक खनिज समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, वह ग्रे लिस्ट में जाने का जोखिम नहीं ले सकता। न तो अमेरिका और न ही चीन ऐसी स्थिति चाहेगा, जहां पाकिस्तान आतंकवाद के वित्तपोषण के लिए एफएटीएफ की जांच के दायरे में आए।
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