deltin33 • 2025-10-13 06:06:59 • views 1255
टिकट के दावे को दमदार बनाने में बायोडाटा का सहारा। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवार पार्टी कार्यालयों में जाकर अपना बायोडाटा जमा करने को लेकर उतावले दिख रहे हैं।
बायोडाटा में प्रत्याशी अपने बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए मैं पार्टी का समर्पित कार्यकर्ता हूं। वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं। अपने नेता की कार्यशैली से प्रभावित होकर जनप्रतिनिधि के रूप में समाज की सेवा करना चाहता हूं। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
जातीय समीकरण भी मेरे पक्ष में है। प्रतिद्वंद्वी से आगे रहूंगा। मुझे टिकट देकर एक अवसर दिया जाए। भाजपा, जदयू, कांग्रेस, जनसुराज, राजद से लेकर वामदलों तक के दावेदारों की यही कहानी है।
इन्होंने अपने राजनीतिक जीवन का परिचय देने और बायोडाटा को दमदार बनाने में तकनीक का भी प्रयोग कर रहे हैं। वीरचंद पटेल पथ पर बैनर पोस्टर की दुकान पर चुनाव सामग्री की बिक्री के साथ बायोडाटा बनवाने को भीड़ लग रही है।
दुकान के संचालक सत्येंद्र नारायण सिंह बताते हैं कि हर दिन सौ से अधिक बायोडाटा बनवाने वाले लोग आ रहे हैं। कोई रंगीन पेज में तो कोई सादा पेज में बायोडाटा तैयार करवा रहे हैं। सबसे अधिक बेगूसराय जिले से लोग आ रहे हैं।
बायोडेटा बनवाने में सौ रुपये से पांच हजार रुपये लग रहा है। मैदान में उतरने की चाहत रखने वाले दावेदारों में पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ताओं के अलावा, विभिन्न पेशे से जुड़े लोग भी अपना भाग्य अजमाने को लेकर बायोडाटा तैयार करवाने में जुटे हैं।
खासकर क्षेत्र का समीकरण, राजनीतिक सक्रियता और खुद को दूसरों से कैसे आगे बताएं इस पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के तीन बड़ी पार्टियां जदयू, भाजपा और राजद में ऑफलाइन आवेदन करने वाले दावेदारों की भी खूब भीड़ राजधानी में देखी जा रही है।
बायोडाटा जमा करने के साथ वरिष्ठ नेताओं से मिलने को लेकर उम्मीदवार पार्टी कार्यालयों के चक्कर सुबह से रात तक लगा रहे हैं।अपने कार्यों को दिखाने को लेकर लोग पेपर की कटिंग, इंटरनेट मीडिया की फोटो भी साझा कर रहे हैं। |
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