search
 Forgot password?
 Register now
search

त्योहारों पर मीठे में जहर! चंडीगढ़ में आधे सैंपल आते हैं फेल, मिठाई खरीदने से पहले गुणवत्ता और मिलावट की कर लें जांच

deltin33 2025-10-19 19:37:30 views 947
  

चंडीगढ़ में 311 सैंपल लिए गए, जिनमें से 165 में मिलावट पाई गई। चंडीगढ़ से ज्यादा पंजाब-हरियाणा में सैंपल लिए गए।



मोहित पांडेय, चंडीगढ़। त्योहारों के सीजन में बाजारों में मिठाइयों और दूध उत्पादों की मांग चरम पर है। मिठाई खरीदने से पहले एक बार मिलावट और गुणवत्ता पर जरूर ध्यान दें। क्योंकि चंडीगढ़ में मिठाई के 311 सैंपलों की जांच की तो 165 में मिलावट पाई गई। दूसरी तरफ, शहर की खाद्य गुणवत्ता जांच और मिलावट नियंत्रण व्यवस्था बेहद ढीली है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट के अनुसार चंडीगढ़ खाद्य सुरक्षा मानकों पर सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

मंत्रालय की ओर से जारी राज्य खाद्य सुरक्षा सूचकांक में चंडीगढ़ को संसाधन और निगरानी के लिए केवल दो अंक प्राप्त हुए हैं। इसके मुकाबले पड़ोसी राज्यों पंजाब को सात और हरियाणा को 7.5 अंक मिले हैं। चंडीगढ़ समेत पड़ोसी राज्यों में अच्छे स्वास्थ्य के लिए दूध एवं दुग्ध उत्पादों का सेवन करते हैं, लेकिन इनमें मिलावट के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल व चंडीगढ़ से कुल 11,454 खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। इनमें पंजाब में 6041, हरियाणा में 3485, हिमाचल में 1617 और चंडीगढ़ में 311 सैंपल लिए गए। इनमें से 1653 पंजाब, 935 हरियाणा, 351 हिमाचल और 165 चंडीगढ़ के सैंपलों में मिलावट पाई गई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट (वर्ष 2023-24)

राज्य             सैंपल          मिलावट नहीं        रिवील्ड केस         क्रिमिनल केस
पंजाब            6041         3929                1577               76
हरियाणा         3485         2566                818                 117
हिमाचल         1617         1266                346                    8
चंडीगढ़           311           217                 128                  31
मिलावट से किडनी, लिवर फेल होने और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा

आहार विशेषज्ञों के अनुसार मिलावट वाले खाद्य पदार्थों पर गंभीर असर पड़ सकता है। इसमें यूरिया, डिटर्जेंट, स्टार्च, फार्मेलिन और सिंथेटिक पदार्थों की मिलावट से किडनी, लिवर और कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। जो आगे चलकर जानलेवा भी हो सकती हैं।
लैब में करवा सकते हैं जांच

दूध एवं दुग्ध उत्पादों की जांच के लिए अब फूड सेफ्टी विभाग की लैब में सैंपल जांच की सुविधा उपलब्ध है। कोई भी नागरिक कुछ रुपये देकर जांच करवा सकता है। विभाग के अनुसार, सैंपल में मिलावट पाए जाने पर संबंधित रिपोर्ट दर्ज की जाती है और दोषियों पर कार्रवाई होती है।
like (0)
deltin33administrator

Post a reply

loginto write comments
deltin33

He hasn't introduced himself yet.

1510K

Threads

0

Posts

4610K

Credits

administrator

Credits
467521

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com