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क्या होता है खाया जाने वाला Gold, कितनी होती है इसकी कीमत; ऐसे होता है तैयार

cy520520 2025-10-20 16:36:44 views 1178
  

24 कैरेट तक शुद्ध होता है एडिबल गोल्ड



नई दिल्ली। खाया जाने वाला सोना शुद्ध (Edible Gold) 22-24 कैरेट सोना होता है, जो बिना स्वाद या न्यूट्रिशन के खाने को देखने में शानदार बनाता है। सोने का इस्तेमाल वैसे तो धन-दौलत दिखाने के लिए किया जाता रहा है, लेकिन साथ ही अब यह दुनिया भर में खाने के तौर पर भी यूज होता है।
E175 सर्टिफाइड होने के कारण, यह सुरक्षित है क्योंकि यह शरीर से बिना बदले ही निकल जाता है और सेहत को कोई फायदा पहुंचाए बिना सिर्फ दिखावे का काम करता है। आइए जानते हैं कि इस सोने की कीमत कितनी होती है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

  
ऐसे होता है तैयार

खाया जाने वाला सोना असली सोना होता है। वही चीज जो गहनों में चमकती है, उसे लोग खाते तो हैं, मगर खाना बनाने में इस्तेमाल के लिए इसे रिफाइंड, शुद्ध और बहुत पतली शीट या छोटे-छोटे टुकड़ों में तैयार किया जाता है।
यह आम तौर पर 22 से 24 कैरेट का होता है, जिसका मतलब है कि इसमें बहुत कम या कोई मिलावट नहीं होती है। इससे कम कुछ भी खाने के लिए असुरक्षित माना जाता है क्योंकि इसमें कॉपर या सिल्वर जैसे मेटल हो सकते हैं जो शरीर में जलन पैदा कर सकते हैं।
शीट होती हैं बहुत नाजुक

मिठाइयों आदि पर लगाई जाने वाली जो सोने की शीट तैयार होती है, वो इतनी नाजुक होती हैं कि फूंक मारते ही उड़ सकती हैं। इन्हें सोने को कुछ माइक्रोमीटर मोटी पतली परतों में पीटकर बनाया जाता है - जो इंसान के बाल की चौड़ाई का लगभग हजारवां हिस्सा होती है।
इसीलिए शेफ इसे चिमटी या ब्रश से इस्तेमाल करते हैं। एक ही शीट से पूरी मिठाई का ढेर ढका जा सकता है, जिससे यह पिघली हुई चमक देती है जो खाने से ज्यादा किसी आर्ट जैसी लगती है।
कितनी होती है कीमत

इन शीट्स की कीमत अलग-अलग साइज और क्वांटिटी में अलग होती है। जैसे कि 50x50mm की 5 गोल्ड फॉइल्स शीट का पैक 300 रुपये के आस-पास मिलता है। इसी साइज का 10 शीट का पैक आपको 412 रुपये के आसपास का मिल सकता है।
और भी इसी तरह की शीट्स के पैक आप 400 रुपये से लेकर 600 रुपये तक की रेंज में खरीद सकते हैं।
टेस्ट से ज्यादा वेल्थ का दिखावा

खूबसूरती के अलावा, खाने लायक सोना कल्चरल निशानी भी है। भारतीय परंपरा में, सोना धन, पवित्रता और खुशहाली का प्रतीक है। इसलिए, इसे आमतौर पर दिवाली, शादियों और दूसरे शुभ मौकों पर खुशियों और आशीर्वाद के प्रतीक के तौर पर जश्न के पकवानों में शामिल किया जाता है।

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