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पांच दारोगा और दो सिपाहियों की करतूत से खाकी पर लगा दाग, डीसीपी तक पहुंची पहुंची खबर तो हो गया एक्शन_deltin51

cy520520 2025-9-26 23:36:34 views 1264
  पांच दारोगा और दो सिपाहियों की करतूत से खाकी पर लगा दाग





जागरण संवाददाता, कानपुर। इन दिनों कमिश्नरेट पुलिस चर्चाओं में है। कहीं क्राइम ब्रांच का अधिकारी बन अपहरण कर फिरौती ली गई तो कहीं विवेचना से नाम हटाने के नाम पर वसूली की गई। इसी बीच महाराजपुर थाने और चौकी पुलिस की वसूली का खेल जमकर शुरू किया। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

निर्दोषों को उठाकर अपराधियों से कनेक्शन बताए और मुकदमे में फंसाने का डर दिखाया गया, फिर कारोबारी समेत तीन पीड़ितों से करीब पांच लाख रुपये वसूले गए। पीड़ितों ने पुलिसकर्मियों की करतूतों को बयां करने के लिए अपना वीडियो बना प्रचलित किया और अधिकारियों से भी गुहार लगाई।



इसके बाद डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने जांच एसीपी कैंट कौ सौंपी। एसीपी ने बुधवार रात मामलों की जांच की तो पुलिसकर्मियों के आरोप सही मिलने लगे, लेकिन लाखों की वसूली की सजा सिर्फ लाइन हाजिर मिली। देर रात डीसीपी ने चौकरी इंचार्ज समेत पांच दारोगा व दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया।

यह है पूरा मामला

शनिवार को महाराजपुर पुलिस ने सरसौल स्थित उत्तम धर्मकांटा में छापेमारी की, जहां से एक बुलेरों में तीन गांजा तस्कर पकड़ा था, जिसमें सात किलो गांजा पुलिस को बरामद हुआ। वहीं, किसी काम से सरसौल के शिवपुरी मजरा में रहने वाले गुटखा कारोबारी व किसान बबलू भी पहुंचे थे।



पुलिसकर्मियों ने इन दोनों को भी उठा लिया और सुनहला चौकी। कारोबारी का आरोप है कि उन्हें गांजा तस्करों से कनेक्शन जोड़कर मुकदमा दर्ज करा देंगे। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने एक लाख रुपये छोड़ने के एवज में लिए। फिर जाने के दौरान तलाशी लेते हुए साढ़े तीन लाख छीन लिए।

वहीं, साथी गुलाबखेड़ा निवासी बबलू का भी आरोप था कि पुलिसकर्मियों ने उनसे भी 20 हजार रुपये भाई से मंगवाए व जेब में रखे सात हजार छीन लिए। तब उन्हें जाने दिया। हालांकि, बताया गया कि पुलिसकर्मियों ने मामला तूल पकड़ने पर गुटखा कारोबारी के रुपये वापस कर दिए, जिसके बाद उसने अपने बयान बदलकर घटना से इनकार कर दिया।

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उधर, मौरंग-गिट्टी सरसौल निवासी शीलू यादव का आराेप है कि 18 सितंबर को उसे दो दारोगा व अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे उठा लिया और जुआ खेलने का आरोप लगाया, जबकि वह खेत गया हुआ था। पुलिसकर्मियों ने उसे सरसौल चौकी ले गए और पीटने के बाद छोड़ने के लिए 50 हजार रुपये मांगे, लेकिन उसके बाद 26 हजार रुपये जेब से निकाल लिए और बाकी रुपये बाद में देने की बात कहकर छोड़ा।

पीड़ितों ने पहले अपना वीडियो बनाकर पुलिसकर्मियों की करतूत बताई। फिर पुलिस आयुक्त कार्यालय में गुहार लगाई। मामले में डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने एसीपी कैंट को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी। बुधवार को एसीपी ने पीड़ितों को बुलाकर बयान दर्ज किया। फिर रात में ही महाराजपुर थाने व सरसौल और सुनहला चौकी पहुंची। पुलिसकर्मियों के भी बयान दर्ज किए।



जांच में सरसौल चौकी इंचार्ज रवि शंकर, एसआइ आशीष व बिष्णु कुमार, महाराजपुर थाने में तैनात एसआई प्रदीप कुमार व शैलेन्द्र सिंह के साथ सिपाही बंटी सिंह व सुल्तान सिंह दोषी पाए गए, जिसके बाद देर रात डीसीपी पूर्वी ने सातों पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।

तीन दारोगा बोले- दो लाख दो वरना 20 सल के लिए जाओगे जेल

पीड़ित बबलू का आरोप है कि तीन दारोगा बोले कि दो लाख रुपये दो वरना 20 साल के लिए जेल जाओगे। एक दारोगा ने पीटा भी। इसके बाद दारोगा ने भाई को फोन कराया और 20 हजार रुपये में बात तय हुई। तीन दिन बाद सरसौल चौकी में बाइक की चाबी लेने बुलाया और धमकाया कि किसी से कुछ बताया तो मुकदमा लगाकर जेल भेज देंगे।



महाराजपुर में कारोबारियों से वसूली के मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई होनी चाहिए।


-महेश वर्मा, जिलाध्यक्ष आदर्श व्यापार मंडल कानपुर




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