cy520520 • 2025-10-28 18:43:28 • views 1244
प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, हापुड़। हाफिजपुर क्षेत्र के हरसिंहपुर गांव में करीब एक माह पहले एक बच्ची पर कुत्ते ने हमला कर दिया था। एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के बाद भी उसे करीब 20 दिन बाद उसे बुखार हो गया। बच्ची का हापुड़ और मेरठ के अस्पताल में काफी उपचार कराया गया, लेकिन वह स्वस्थ नहीं हो सकी। मंगलवार की रात बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
गांव की रहने वाली सचिन की सात वर्षीय पुत्री ग्रेशी के पैर पर 15 सितंबर को कुत्ते ने काटा था। उसी दिन बच्ची को हापुड़ सीएचसी में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाया गया था। इंजेक्शन लगने के बाद भी उसे करीब दस दिन पहले बुखार हो गया। स्वजनों ने पहले गांव में ही उसका उपचार कराया, उसके बाद भी वह स्वस्थ नहीं हो सकी और उसकी तबीयत और अधिक खराब हो गई।
स्वजन ने पहले उसे हापुड़ के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया, जहां से उसे मेरठ के अस्पताल के लिए रेफर दिया। पिछले काफी दिनों से उसका मेरठ के अस्पताल में उपचार चल रहा था, लेकिन उसके स्वास्थ्य में सुधार नहीं आ सका। स्वजन ने बताया कि चिकित्सकों ने उनसे कुत्ता काटने से समस्या होने की बात कही थी। मंगलवार की रात ग्रेशी की मृत्यु हो गई।
एक दिन पहले गीदड़ के काटने से हुई है ग्रामीण की मौत
बता दें कि एक दिन पहले ही गांव के रहने वाले राजकुमार की भी मौत रेबीज के कारण हुई है। उन्हें गीदड़ ने काटा था, दिल्ली में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर मंगलवार को गांव की रहने वाली एक चार वर्षीय बच्ची को स्कूल जाते समय कुत्ते ने हमला कर दिया था। जिसके बाद उसे दिल्ली के लिए रेफर कर दिया गया था। बुधवार को हालांकि वह घर पर आ गई है। जिसके बाद पुलिस भी उसके घर फल लेकर पहुंची है। दो दिन के अंदर दो मौतों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
“गांव में चिकित्सकों की टीम को भेजा जाएगा और बच्ची के उपचार के दस्तावेजों की जांच कराई जाएगी। उसके बाद भी उसकी मृत्यु का सही कारण पता चल सकेगा।“
-डाॅ. सुनील कुमार त्यागी, सीएमओ
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