जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कहा है कि प्रदेश के भीतर गोवंशी पशुओं का परिवहन अपराध की श्रेणी में नहीं आता। कोर्ट ने कहा है कि उसके सामने ऐसे मुकदमों की बाढ़ आ रही जिसमें लोगों को गो हत्या अधिनियम में फर्जी फंसाया जा रहा है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
कोर्ट ने इस पर प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी से व्यक्तिगत शपथपत्र मांगा है कि गोहत्या अधिनियम का दुरुपयोग को रोकने के लिए क्या किया गया है? कोर्ट ने कहा है कि यदि सात नवंबर तक उनका शपथपत्र नहीं आता तो वे कोर्ट में स्वयं प्रस्तुत होकर उत्तर दें। |