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दिल्ली में 500 से ऊपर गया एक्यूआई, 1000 पार हुए पीएम स्तर, CPCB के सर्वर और सेंसर ने छोड़ा साथ

cy520520 2025-10-28 19:33:47 views 1237
  



संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। वायु प्रदूषण का स्तर अत्यधिक बढ़ जाने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण (सीपीसीबी) भी बेबस हो जाता है। इसके अनेकानेक एयर क्वालिटी मानिटरिंग स्टेशन काम करना बंद कर देते हैं। दीवाली की रात भी ऐसा ही देखने में आया। आधी रात के बाद तक खूब आतिशबाजी व पटाखे जलाने से दीवाली की रात राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण इस हद तक बढ़ा कि बहुत से मानिटरिंग स्टेशन ही बैठ गए। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

यही वजह रही है कि रात को लगभग पांच घंटे तक अलग अलग स्टेशनों का प्रति घंटे का आंकड़ा ही नहीं मिला। हालांकि आधिकारिक स्तर पर इस पहलू को छिपाया एवं दबाया जा रहा है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक एक्यूआई के एक सीमा पार कर जाने पर मानिटरिंग स्टेशन एक्यूआई की गणना कर ही नहीं पाते।

विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि दीवाली की रात सीपीसीबी का यूडीएल (अप-डाउन लिंक) फेल हो जाने से कुछ स्टेशनों का एक्यूआई डाटा गायब हुआ था। दरअसल, दिल्ली में सीपीसीबी के 39 मानिटरिंग स्टेशन हैं, जो उसके सर्वर से ऑनलाइन जुड़े हुए हैं। इनका डाटा इस सर्वर तक यूडीएल से ही पहुंचता है। सूत्र बताते हैं कि तकनीकी तौर पर इन सभी मानिटरिंग स्टेशनों में एक्यूआई की कैपिंग तो 500 तक है लेकिन पीएम 2.5 और पीएम 10 की गणना 1000 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक हो सकती है।

बताया जाता है कि दीवाली की रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक पटपड़गंज, नेहरू नगर, जेएलएन स्टेडियम, आईटीओ, एनएसआईटी द्वारका, आयानगर व ओखला फेज दो सहित अनेक स्टेशनों पर एक्यूआई के आंकड़े दर्ज ही नहीं हुए। वजह, इन सभी जगह पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 1000 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से भी ऊपर पहुंच गया।

लिहाजा, इन स्टेशनों के सेंसरों ने काम करना बंद कर दिया। यूडीएल लिंक फेल हो गया, उनका आंकड़ा सीपीसीबी के सर्वर तक पहुंच ही नहीं पाया। इसी कारण सीपीसीबी के पोर्टल और एप पर घंटों तक इन इलाकों का एक्यूआई डाटा गायब रहा। पूर्व में भी कई बार दीवाली की रात इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन इसका कोई समाधान नहीं निकाला जा सका। सुबह के वक्त जब प्रदूषण का स्तर कुछ नीचे आया तो ये स्टेशन फिर चलने लगे।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के पूर्व अतिरिक्त निदेशक डाॅ. एम जाॅर्ज सवाल उठाते हैं, “अगर यह \“\“ग्रीन दीवाली\“\“ थी, तो लोगों को यह जानने का हक है कि उन्होंने रात में सांस के साथ क्या लिया? सीपीसीबी की निगरानी प्रणाली रात में चरम प्रदूषण के समय क्यों बंद रही?”


“बहुत बार जब प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है तो इस तरह के हालात बन जाते हैं। यूडीएल फेल हो जाता है और सर्वर भी डाउन हो जाता है। हालांकि कुछ घंटे में फिर चालू हो जाता है। भविष्य में इस समस्या के समाधान की दिशा में एयर क्वालिटी मानिटरिंग स्टेशनों को अपग्रेड करने पर विचार किया जा रहा है।“

-डाॅ. अनिल गुप्ता, सदस्य, सीपीसीबी


यह भी पढ़ें- एक शहर, दो आंकड़े: दिल्ली में एयर क्वालिटी को लेकर CPCB और IQAir में विरोधाभास, असमंजस में विशेषज्ञ


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