LHC0088 • 2025-10-29 14:37:52 • views 1271
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मुरादनगर थाना क्षेत्र में 25 फरवरी 2025 को पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाकर हत्या करने वाले पति को कोर्ट ने जमानत देने से मना कर दिया। पति ने अपने छोटे भाई और उसकी पत्नी के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। आग लगने पर महिला चिल्लाती रही थी और पति तमाशबीन बना रहा था। पड़ोसी महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
मुन्नी बैगम द्वारा बताया गया कि उनकी बेटी भूरी उर्फ मुवाशिरा का निकाह मुरादनगर के रावली रोड मोहल्ला कुरैशियान निवासी इंतखाब आलम के साथ 28 फरवरी 2005 को हुआ था। दोनों के चार बच्चे हैं। निकाह के बाद से ही इंतखाब उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था। बेटी को मानसिक प्रताड़ित करता था। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
25 फरवरी की रात 10 बजे पति इंतखाब, देवर परवेज और देवरानी सीमा ने योजना बनाकर मुवाशिरा पर पेट्रोल डालकर बाथरूम में धक्का दे दिया। इसके बाद बेटी को आग के हवाले कर बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। उनकी बेटी आग लगने के बाद चिल्लाती रही लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। आग बुझने पर उनकी नातिन ने दरवाजा खोला।
इंतखाब ने फोन कर इसकी जानकारी उन्हें दी। आरोपितों ने पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। देर रात को उनकी बेटी को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान बेटी की मौत हो गई। पुलिस ने पति को 10 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने विवेचना कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस ने मृतका के बच्चों के बयान दर्ज किए। बच्चों ने पुलिस को बताया कि देवर परवेज और देवरानी सीमा ने उनकी मां के हाथ पकड़ लिए थे। इंतखाब ने पेट्रोल छिड़क दिया। इसके बाद इंतखाब ने तिली जलाकर आग के हवाले कर दिया। कोर्ट में केस डायरी का अवलोकन किया गया। पुलिस को मौके से एक माचिस, अधजला टब, मग्गा, एक बोतल और बोतल में 150 एमएल पेट्रोल मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में 65 प्रतिशत जलने के कारण मौत की पुष्टि हुई।
इंतखाब आलम की ओर से कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जुनैद मुजफ्फर की कोर्ट में जमनात पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा कि आरोपित के पास जमानत पर रिहा किए जाने का आधार नहीं है। कोर्ट ने आरोपित की जमानत याचिका खारिज कर दी। |
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