LHC0088 • 2025-10-30 02:12:59 • views 879
माधुरी दीक्षित फिल्म तेजाब में (फोटो-इंस्टाग्राम)
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। माधुरी दीक्षित की साल 1988 में एक फिल्म आई थी नाम था तेजाब। इस फिल्म की कहानी के साथ-साथ इसके गाने भी जबरदस्त हिट हुए थे। आजकल के एक्टर्स के बीच ये चीज बहुत कॉमन हो चुकी है कि वो अपनी फिल्म को देखने के लिए छिपते-छिपाते थिएटर जाते हैं ताकि वो दर्शकों के लाइव रिएक्शन का आनंद ले सकें। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
एक घंटे में लिखा था गाना
माधुरी दीक्षित 37 साल पहले वो अनुभव ले चुकी हैं। इस फिल्म का गाना एक दो तीन काफी पॉपुलर हुआ था। लोग थिएटर में ही मोहिनी मोहिन कहकर पुकारने लगते थे। एक्ट्रेस कई मौकों पर इस बात को स्वीकार कर चुकी हैं। इस गाने को जावेद अख्तर ने लिखा था और इसके पीछे की खास बात ये है कि इस पर ज्यादा कोई खास मेहनत नहीं की गई और सिर्फ एक ही घंटे में गाना तैयार हो गया।
यह भी पढ़ें- बॉलीवुड एक्ट्रेसेज जिन्हें डांस में प्राप्त है महारत, कुछ तो हैं ट्रेंड क्लासिकल डांसर
संगीत की वजह से खूब पसंद किया गया
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी ने इसका संगीत दिया और माधुरी के धमाकेदार डांस ने इसमें चार चांद लगा दिए। ये गाना हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गया। माधुरी दीक्षित ने एक बार कपिल शर्मा के शो में बताया था कि लोग थिएटर में सिक्के फेंकने लगे थे।
इस पल के बारे में बात करते हुए माधुरी ने कहा, \“आपको पता है थिएटर में बहुत मजा आता है तो मैं भी थिएटर में देखने के लिए गई थी। हम लोग अंदर गए तब मैंने बुर्का पहन रखा था ताकि मुझे कोई पहचान न सके।\“
सिर पर आकर गिर पैसे
एक्ट्रेस ने आगे कहा,\“हम अंदर गए और बैठ गए। मुझे लगता है उस थिएटर में कभी-कभी एसी वगैरह बंद कर देते थे, बुर्के में मुझे पसीना आने लगा था, लेकिन मैं \“एक दो तीन गाने\“ का इंतजार कर रही थी। हम लोग आगे बैठे हुए थे जैसे ही गाना शुरू हुआ तो लोगों ने सिक्के फेंकने शुरू कर दिए थे जो हमारे सिर पर आकर गिर रहे थे। फिर हम लोग वहां से भाग गए।\“
\“मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं बिल्कुल खुफिया तरीके से आई हूं, किसी को पता नहीं चला। लेकिन, जैसे ही थिएटर के बाहर हम लॉबी में आए तो किसी ने कहा देख माधुरी दीक्षित। मैंने कहा हे भगवान, पकड़े गए हम।\“
यह भी पढ़ें- 1999 में बॉलीवुड छोड़कर क्यों गईं Madhuri Dixit? शादी कर विदेश में बसा लिया था घर |
|