टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-In) ने नई सिक्योरिटी एडवाइजरी जारी की है। सरकारी एजेंसी ने यह चेतावनी कंप्यूटर में Google Chrome इस्तेमाल करने वालों के लिए है। CERT-In ने 30 अक्टूबर को बताया कि Windows, macOS और Linux में गूगल के Chrome ब्राउजर ब्राउजर इस्तेमाल करने वाले यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में है। हैकर्स डिवाइस को दूर से एक्सेस कर डेटा चुरा सकते हैं। साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने सभी यूजर्स को जल्द से जल्द क्रोम ब्राउजर को अपडेट करने की सलाह दी है। विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें
CERT-In ने क्रोम यूजर्स को दी चेतावनी
सरकारी साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि गूगल के वेब ब्राउजर क्रोम में कुछ खामियां है। इन खामियों के चलते हैकर्स किसी भी डिवाइस को आसानी से हैक कर सकते हैं। वे डिवाइस से न सिर्फ डेटा चोरी कर सकते हैं। CERT-In ने इसे हाई रिस्क कैटेगरी में रखा है।
Google Chrome में यह खामी Linux के 142.0.7444.59 वर्जन या उससे पुराने वर्जन पर मौजूद है। वहीं विंडोज और मैक में यह खामी क्रोम के 142.0.7444.59/60 वर्जन या इससे पुराने वर्जन में मौजूद है। गूगल क्रोम में यह बग V8 JavaScript इंजन, एक्सटेंशन, ऑटोफिल, मीडिया और Omnibox जैसे कंपोनेंट के जरिए हुई है। इसके साथ ही टाइप कंफ्यूजन, यूज आफ्टर फ्री एरर और पॉलिसी बायपास जैसे इश्यू भी सामने आए हैं। इन समस्याओं के चलते हैकर्स आर्बिट्रेरी कोड, बाईपास सिक्योरिटी प्रोटेक्शन के जरिए सिस्टम कंट्रोल कर सकते हैं।
गूगल क्रोम कैसे अपडेट करें?
इस रिस्क से बचने के लिए CERT-In ने Google Chrome के लेटेस्ट वर्जन 142.0.7444.60 या उसके बाद के वर्जन में अपडेट करने की सलाह दी है। गूगल क्रोम को अपडेट करने के लिए यूजर्स को ब्राउजर के मेन्यू में जाना है। इसके बाद उन्हें हेल्प में जाकर About Google Chrome में क्लिक करना है। अब एक नया पेज खुलेगा, जिसमें गूगल क्रोम का लेटेस्ट अपडेट अपने आप ही इंस्टॉल होने लगेगा। अपडेट होने के बाद आपको क्रोम ब्राउजर को रीस्टार्ट करना होगा।
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