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महायोजना के अधीन आने वाले क्षेत्रों का किया निरीक्षण। जागरण
जागरण संवाददाता, देवरिया। प्रदेश के मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक (सीटीसीपी) कृष्ण मोहन का कहना है कि देवरिया शहर का सुनियोजित विकास तभी संभव है, जब महायोजना-2031 का प्रभावी व ईमानदारी पूर्वक क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों और प्रशासन के आपसी समन्वय के बिना शहर के विकास की कल्पना अधूरी है। वह शनिवार को देवरिया महायोजना-2031 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों का निरीक्षण करने पहुंचे थे।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैतालपुर सीमा से सोनूघाट तक फोरलेन मार्ग, कसया रोड व सिविल लाइंस रोड का जायजा लिया। सिविल लाइंस स्थित विनियमित क्षेत्र कार्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था में सबसे बड़ी समस्या सड़कों की कम चौड़ाई है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है और विकास बाधित होता है।
मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक ने कहा कि यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण अनिवार्य है। महायोजना-2031 में चौड़ी सड़कों का प्रस्ताव इसी उद्देश्य से किया गया है। जिन स्थानों पर पहले से निर्माण हो चुका है, वहां भी जनहित को ध्यान में रखते हुए सड़कों का चौड़ीकरण किया जाना आवश्यक है, तभी भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि महायोजना-2031 में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत शहर में पार्क व हरित क्षेत्रों का प्रस्ताव किया गया है, जिन्हें चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इससे नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और खुले स्थान उपलब्ध होंगे।
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उन्होंने दिल्ली जैसे महानगरों में खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) का उदाहरण देते हुए कहा कि देवरिया जैसे शहरों में अभी से पर्यावरण संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है। कहा कि अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए सर्वे कराए जाने पर विचार किया जा रहा है।
शासन से अनुमति मिलने के बाद इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर आरबीओ जेई अखिलेश ओझा, सर्वेयर बीडी पाठक, अवधेश श्रीवास्तव, इंजीनियर अमरेंद्र पाठक, रितेश सिंह, सत्येंद्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। |
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