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सांकेतिक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। शासन के निर्देश पर \“एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज\“ के तहत अब मैनपुरी में भी पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
शासन के निर्देश पर आई दो सदस्यीय राज्य स्तरीय टीम ने जिला अस्पताल, शैय्या अस्पताल सहित सभी सीएचसी की पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की है। टीम अब रिपोर्ट शासन को सौंपेंगी। जिला अस्पताल को अपग्रेड कर यहां मेडिकल कालेज में बदलने की प्रक्रिया चल रही है। इससे आम जनता को बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
पूर्व विधायक की मांग पर प्रदेश सरकार ने दी दिखाई हरी झंडी
मैनपुरी सदर के पूर्व विधायक अशोक सिंह चौहान की मांग पर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर \“\“एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज\“\“ की स्थापना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ये मेडिकल कालेज पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर स्थापित किया जाएगा। शासन के निर्देश पर महाराजा तेजसिंह जिला अस्पताल, सौ शैय्या मातृ एवं शिशु अस्पताल में ही इसका विस्तार किया जाएगा।
शासन से आई टीम ने सरकारी अस्पतालों पड़ताल कर बनाई है रिपोर्ट
पूर्व विधायक द्वारा हाल ही में मैनपुरी आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को दिए पत्र में ह्रदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती, बंद पड़ी कैंसर यूनिट को जल्द चालू कराने और मैनपुरी में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने की मांग की गई। इन्हीं मांगों पर प्रदेश सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा। केंद्र से अनुमति मिली तो प्रदेश सरकार को मैनपुरी में भी 430 बेड के मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने के लिए जल्द टेंडर प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र द्वारा मेडिकल, एजुकेशन एंड ट्रेनिंग विभाग को अप्रैल 2028 तक 10 वर्ष तक के अनुबंध के अनुसार मेडिकल कॉलेज बनाने का काम पूरा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। शासन के निर्देश पर पिछले तीन दिनों से रिपोर्ट तैयार कर रही दो सदस्यीय टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद शासन द्वारा मेडिकल कालेज स्थापित कराने के लिए आगे की प्रक्रिया की जाएगी।
ट्रामा सेंटर और क्रिटिकल केयर यूनिट भी होंगे शामिल
जिला अस्पताल परिसर में निर्माणाधीन 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट, छह बेड के ट्रामा सेंटर, पीडियाट्रिक वार्ड को भी मेडिकल कालेज में ही शामिल किया जाएगा। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि शासन द्वारा पत्राचार के माध्यम से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का डाटा मांगा गया है। इसे शासन को भेजा जा रहा है। संभवत: मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने को लेकर प्रक्रिया गतिशील है।
जनपद में कई विशेषज्ञ डाक्टर की कमी को देखते हुए डिप्टी सीएम को पत्र सौंपकर जल्द से जल्द मेडिकल कालेज स्थापित कराने की मांग की गई थी। इसका संज्ञान लेते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज स्थापित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे जिले के लोगों में हर्ष है। -
अशोक सिंह चौहान, पूर्व विधायक। |
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