सांकेतिक तस्वीर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में इस साल छह नई क्षेत्रीय विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) में जांच शुरू हो जाएगी। इसमें पूर्णिया, गयाजी, बेतिया, छपरा, मुंगेर और सहरसा में शामिल हैं। यहां एफएसएल भवन का निर्माण पूरा हो गया है। इन छह एफएसएल में उपकरण लगाने के लिए 163 करोड़ का प्रस्ताव गृह विभाग से स्वीकृत हो गया है। अब इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
सोमवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पारसनाथ ने यह जानकारी दी। अभी पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर में क्षेत्रीय एफएसएल है। दरभंगा और रोहतास में भी एफएसएल शुरू किया जाना है, मगर अभी यहां भवन निर्माण ही चल रहा है।
उन्होंने बताया कि राजगीर और पूर्णिया एफएसएल के लिए 13 करोड़ 40 लाख की राशि से उपकरणों की खरीद की जानी है। इसमें आधी राशि से उपकरण खरीद हो गई है जबकि शेष उपकरण फरवरी तक खरीद लिए जाएंगे। एडीजी पासरनाथ ने बताया कि मार्च तक राज्य में साइबर फारेंसिक यूनिट भी शुरू हो जाएगी। पटना और राजगीर एफएसएल में साइबर फारेंसिक यूनिट शुरू की जाएगी।
इसके शुरू होने से मोबाइल और कंप्यूटर फारेंसिक जांच राज्य में ही हो सकेगी। अगले चरण में मुजफ्फरपुर और भागलपुर में भी साइबर फारेंसिक यूनिट शुरू करने की योजना है। इस यूनिट को शुरू करने के लिए नेशनल फारेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी से करार भी किया गया है। इसके अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और राजगीर एफएसएल के एक-एक डीएनए यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव भी गृह विभाग को सौंपा गया है।
एडीजी ने बताया कि वर्तमान में राज्य के विधि विज्ञान प्रयोगिशालाओं में राजपत्रित पदाधिकारी के 44 एवं वरीय वैज्ञानिक सहायक के 85 पदाधिकारी कार्यरत हैं। इनमें 89 सहायक निदेशकों और 100 वरीय वैज्ञानिक सहायकों की संविदा पर नियुक्ति के लिए शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों के सत्यापन और चिकित्सीय जांच की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। फरवरी तक चयन प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। प्रेस वार्ता के दौरान सीआइडी के डीआइजी दलजीत सिंह भी मौजूद थे।
नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में चार से पांच दिनों में आएगी फारेंसिक रिपोर्ट
पटना के चित्रगुप्त नगर थाना अंतर्गत गर्ल्स हास्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत मामले में सीआइडी जांच को लेकर पूछे गए सवाल पर एडीजी पारसनाथ ने कहा कि सीआइडी के कमजोर वर्ग के एडीजी अमित कुमार जैन इस मामले को देख रहे हैं। वह घटनास्थल पर भी गए थे। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से जांच के नमूने लिए हैं। अगले चार से पांच दिनों में एफएसएल रिपोर्ट आने की संभावना है। अभी जांच चल रही है। इसके बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
पिछले साल 56 हजार से अधिक प्रदर्शों की हुई जांच
एडीजी पासरनाथ ने बताया कि जुलाई, 2024 में नए कानूनों के लागू होने के बाद से सात साल से अधिक सजा वाले मामलों में एफएसएल जांच अनिवार्य कर दी गई है। वर्ष 2024 में एक जुलाई से 31 दिसंबर के बीच पांच हजार 141 कांडों के 25 हजार 285 प्रदर्शों की जांच की गई। वहीं, 2025 में कुल 10 हजार 995 कांडों के 56 हजार 511 प्रदर्शों की जांच पूरी की गई। |
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