मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह। (फाइल फोटो)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर में सेना के पराक्रम की जानकारी देश-दुनिया के सामने रखने वाली सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर अमर्यादित भाषा बोलने वाले मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। कारण, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी विजय शाह के अन्य विवादित बयानों की जांच भी कर रही है।
जांच के तीन बिंदु हैं, जिनमें सबसे मुख्य बिंदु मंत्री के कर्नल सोफिया से इतर अन्य दो अमर्यादित बयान हैं। यह रिपोर्ट भी एसआईटी शीघ्र ही सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। उधर, सोमवार को कोर्ट ने इसी मामले में विजय शाह को लेकर कहा है कि मध्य प्रदेश राज्य कानून के अनुसार अभियोजन की मंजूरी के लिए उचित कदम उठाए।
कर्नल सोफिया को बताया था आतंकवादियों की बहन
शाह के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति का मामला गृह और विधि विभाग होते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक जाएगा। बता दें कि विजय शाह ने 11 मई, 2025 को इंदौर के आंबेडकर नगर के रायकुंडा गांव में एक सभा के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को कथित तौर पर आतंकवादियों की बहन बता दिया था।
14 मई को हाई कोर्ट ने विजय शाह के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था। उसी दिन मानपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। विजय शाह ने हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, तभी से इस मामले की सुनवाई वहां चल रही है।
एसआईटी 27 लोगों के बयान कर चुकी है दर्ज
कोर्ट के निर्देश पर राज्य शासन ने तीन आईपीएस अधिकारियों को मिलाकर एसआईटी का गठन किया था। पूरे मामले में एसआईटी तीन स्टेटस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत कर चुकी है। अमर्यादित टिप्पणी के मामले में अब तक विजय शाह सहित 27 लोगों के बयान एसआईटी ले चुकी है। अब अन्य विवादित और अमर्यादित बयानों को लेकर साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं।
लगभग एक माह पहले शाह ने लाड़ली बहनों को धमकी भरे अंदाज में कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए आगे आना चाहिए। इसके पहले भी उनके कुछ आपत्तिजनक बयान इंटरनेट मीडिया में बहुप्रसारित हुए थे। उसकी भी जांच की जा रही है।
कांग्रेस ने कहा- मंत्री पर कार्रवाई करे सरकार
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट की स़ख्ती ने भाजपा के सोच और चरित्र पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। सेना की अधिकारी, देश की बेटी और राष्ट्र के सम्मान पर हमला हुआ, लेकिन भाजपा सरकार महीनों तक एसआईटी की रिपोर्ट दबाए बैठी रही। मंत्री विजय शाह से मुख्यमंत्री को तत्काल त्यागपत्र लेना चाहिए। उन्हें पार्टी के सभी दायित्वों से मुक्त करना चाहिए।
यह भी पढ़ें: \“मंत्री जी पर केस चलेगा या नहीं\“? कर्नल सोफिया कुरैशी मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने MP सरकार से पूछा सवाल |
|