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भारत के खिलाफ कौन-सी चाल चल रहा बांग्लादेश? चीनी राजदूत को सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास लेकर गई युनूस सरकार

Chikheang 4 hour(s) ago views 742
  

ये भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक के काफी करीब है। (फोटो सोर्स- पीटीआई)



डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में जमीं बर्फ गहरी होती जा रही है। इस तनावपूर्ण रिश्तों के बीच चीन के राजदूत याओ वेन ने सोमवार को तीस्ता नदी के एक प्रोजेक्ट क्षेत्र का दौरा किया।

ये भारत के सिलीगुड़ी कॉरिडोर यानी चिकन नेक के काफी करीब है। यह 22 किलोमीटर का संकरी जमीन का पट्टी है। इसी के जरिए भारत की मुख्य भूमि से पूर्वोत्तर राज्य जुड़े हुए है।

यह दौरा तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट के तहत चल रही तकनीकी जांच से जुड़ा था। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने पिछले साल चीन की अर्थव्यवस्था को विस्तार देने और भारत के पूर्वोत्तर को \“लैंडलॉक्ड\“ बताने जैसे विवादास्पद बयान दिए थे।
तीस्ता प्रोजेक्ट में जल्दबाजी में चीन

बांग्लादेश की जल संसाधन सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन ने याओ वेन के साथ रंगपुर के तेफामधुपुर तालुक शाहबाजपुर क्षेत्र में दौरा किया। उन्होंने कहा कि चीन तीस्ता मास्टर प्लान (टीएमपी) को जल्द से जल्द लागू करने के लिए उत्सुक है। दोनों देश टीएमपी को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन प्रोजेक्ट की जांच प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए काम अभी शुरू नहीं हो सकता है।

रिजवाना हसन ने स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि चीन इस बड़े प्रोजेक्ट को बिना किसी गलती के पूरा करना चाहता है, क्योंकि बांग्लादेश के लोग इससे बहुत उम्मीदें लगा रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि दोनों सरकारें नदी किनारे के लोगों की आजीविका बचाने और बाढ़-कटाव से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत के लिए तीस्ता कितना अहम है?

बांग्लादेश के लिए तीस्ता उत्तरी जिलों में कृषि और आजीविका का आधार है। वहीं भारत के लिए, खासकर पश्चिम बंगाल के लिए, यह नदी भी उतनी ही अहम है। दशकों से तीस्ता जल-बंटवारे पर बातचीत चल रही है, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार की चिंताओं के कारण कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।

इस प्रोजेक्ट में बड़े पैमाने पर ड्रेजिंग, मजबूत तटबंध बनाना और कृषि के लिए जमीन वापस हासिल करना शामिल है। चीन की भागीदारी से यह प्रोजेक्ट बांग्लादेश के लिए फायदेमंद हो सकता है, लेकिन भारत के लिए यह क्षेत्रीय संवेदनशीलता बढ़ा सकता है, क्योंकि यह चिकन नेक के पास है।
यूनुस सरकार के साथ चीन का मेल-मिलाप

रविवार को याओ वेन ने बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार खलिलुर रहमान से मुलाकात की। मुलाकात के बाद यूनुस के प्रेस विंग ने एक्स पर पोस्ट किया कि दोनों पक्षों ने आपसी हित के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और बांग्लादेश-चीन के बीच लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और विकास सहयोग की पुष्टि की है।

बातचीत में तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट और प्रस्तावित बांग्लादेश-चीन फ्रेंडशिप हॉस्पिटल पर चर्चा हुई। याओ वेन ने कहा कि वे तीस्ता प्रोजेक्ट क्षेत्र का दौरा करेंगे और चल रही तकनीकी जांच को जल्द पूरा करने के लिए चीन की प्रतिबद्धता दोहराई है।

यह भी पढ़ें: चार मंजिल तक जमी बर्फ: एक ही रात में रूस का ये शहर बना बर्फीला पहाड़, दो लोगों की मौत
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