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भारतमाला एक्सप्रेस-वे निर्माण में पीएनसी इन्फ्राटेक की मनमानी
संवाद सूत्र, रामपुर। भारत माला एक्सप्रेस-वे के नाम पर रामपुर प्रखंड में पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड कंपनी की खुली मनमानी और घोर लापरवाही सामने आ रही है। वाराणसी से रांची और कोलकाता को जोड़ने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में निर्माण कंपनी नियम-कानून को ताक पर रखकर काम कर रही है। नतीजा यह है कि आम जनता अंधेरे में रहने को मजबूर है और बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एक्सप्रेस-वे निर्माण के दौरान मिट्टी भराई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे भारी हाइवा डंपर बिना किसी निगरानी और सुरक्षा मानकों के चलाए जा रहे हैं। इन डंपरों की टक्कर से बार-बार बिजली के 11 हजार केवी के पोल, तार और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
इससे कई गांवों में घंटों, बल्कि कई जगहों पर एक से दो दिन तक बिजली गुल रही। बावजूद इसके पीएनसी कंपनी पर न तो कोई ठोस नियंत्रण दिख रहा है और न ही जिम्मेदारी का एहसास।
विद्युत विभाग की ओर से अब तक पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड के खिलाफ करमचट और बेलांव थाना में कुल तीन प्राथमिकी कराई जा चुकी है। इन तीनों मामलों में कंपनी पर लगभग 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है, लेकिन कंपनी की कार्यशैली में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है।
पहली बड़ी घटना 4 दिसंबर 2025 को सामने आई थी। रामपुर प्रखंड के ठकुरहट गांव के पास चौरसिया फीडर का 11 हजार केवी का पोल और तार पीएनसी के डंपर की टक्कर से टूट गया। इस घटना से लगभग नौ घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। विद्युत विभाग के एसडीओ राकेश प्रभाकर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए करमचट थाना में प्राथमिकी कराई और 2.5 लाख रुपये की क्षति का आकलन किया।
इसके ठीक तीन दिन बाद 7 दिसंबर 2025 को झलखोरा गांव में फिर चौरसिया फीडर अंतर्गत मिट्टी ले जा रहे डंपर ने 11 केवी लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बार 18 घंटे 45 मिनट तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। उपभोक्ताओं का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मरम्मत में विभाग को भारी मशक्कत करनी पड़ी। इस मामले में भी भभुआ एसडीओ राकेश प्रभाकर ने 4.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए करमचट थाना में प्राथमिकी कराई।
ताजा मामला 16 जनवरी 2026 का है, जिसने पीएनसी की मनमानी की सारी हदें पार कर दीं। मईडाड़ गांव के पास अज्ञात डंपर की टक्कर से पांच विद्युत पोल और एक ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना की जानकारी ग्रामीण शिवमूरत बिंद ने दी।
विभागीय जांच में आरोप सही पाए गए। इस हादसे से बड़कागांव फीडर में करीब दो घंटे तक बिजली बाधित रही, जबकि मां शारदा मिनी राइस मिल मईडाड़ लगभग 40 घंटे तक बंद रही। इससे करीब पांच लाख रुपये की आर्थिक क्षति का अनुमान लगाया गया है।
इस मामले में सहायक अभियंता राकेश प्रभाकर ने बेलांव थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी कराई है। लगातार हो रही घटनाओं से सवाल उठने लगे हैं कि आखिर पीएनसी कंपनी को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो बार-बार बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के बावजूद खुलेआम काम कर रही है।
ग्रामीणों और बिजली उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
विद्युत विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि आगे यदि पीएनसी कंपनी की लापरवाही से बिजली संरचना को नुकसान पहुंचा, तो केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि काम रोकने और कठोर कानूनी कार्रवाई की भी सिफारिश की जाएगी। |
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