पटना NEET छात्रा मौत मामला
जागरण संवाददाता, पटना। चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले को सुलझाने में जुटी एसआईटी की एक टीम मंगलवार को फिर गर्ल्स हॉस्टल पहुंची। होस्टल के बाहर और अंदर कुछ देर तक छानबीन करने के साथ कुछ लोगों से पूछताछ की और फिर मुख्य गेट पर ताला बंद कर लौट गई।
एसआईटी जांच से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं कर रही है। वह पटना से लेकर जहानाबाद तक कई लोगों का बयान दर्ज कर चुकी है। तकनीकी अनुसंधान में जो भी बातें सामने आ रहीं हैं, उसे साक्ष्य के तौर पर जुटाया जा रहा है। उसी आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की सेकंड ओपिनियन ले रही पुलिस
प्रारंभिक जांच करने वाले चिकित्सक का बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की पुलिस दूसरी राय (सेकंड ओपिनियन) भी ले रही है। इसके साथ ही कई अन्य जांच हुई है, जिसकी रिपोर्ट आने का इंतजार है। पूरे मामले पर एसआईटी की जांच की हर दिन की समीक्षा के साथ ही रेंज आईजी खुद ही निगरानी कर रहे हैं।
पांच जनवरी को छात्रा जहानाबाद से चित्रगुप्त नगर स्थित हास्टल लौटी थी। दूसरे दिन छह जनवरी वह हास्टल में बेहोशी की हालत में मिली थी। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 11 जनवरी को निजी अस्पताल में उपचार के क्रम में मौत हो गई।
15 जनवरी को पुलिस की थ्योरी फेल
तब पटना पुलिस ने प्रारंभिक जांच में यौन शोषण की पुष्टि नहीं की थी, जबकि स्वजन उसके साथ मारपीट और गलत होने की बात कही थी। मामला तूल पकड़ते ही 12 जनवरी को पीएमसीएच में मेडिकल बोर्ड की देखरेख पोस्टमार्टम किया गया। मामले की जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोग उसी दिन कारगिल चौक प्रदर्शन करने लगे।
इस मामले में प्राथमिकी की गई। फिर 15 जनवरी को पुलिस की वह थ्योरी फेल हो गई, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रारंभिक जांच में यौन हिंसा की पुष्टि नहीं हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की बात से इनकार नहीं करने का जिक्र किया गया था। तब पुलिस ने गर्ल्स हॉस्टल के बिल्डिंग के मालिक को गिरफ्तार कर लिया।
गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने लिया संज्ञान
16 जनवरी को गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने मामले का संज्ञान लिया है और डीजीपी के आदेश पर रेंज आईजी ने मामले में त्वरित उद्भेदन के लिए सिटी एसपी पूर्वी के नेतृत्व में सात सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। इसके दूसरे दिन एडीजी (कमजोर वर्ग), रेंज आइजी, एसएसपी सहित एसआइटी टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।
समीक्षा के दौरान जिन बिंदुओं पर और साक्ष्य की जरूरत थी, उसे जुटाने के लिए एसआईटी तीनों निजी अस्पतालों में पहुंची। वहां के डाक्टर और कर्मी से पूछताछ करने के साथ ही जरूरी दस्तावेज भी साक्ष्य के रूप में साथ ले गई।
जहानाबाद में भी पूछताछ कर रही एसआईटी
एसआईटी की एक टीम जहानाबाद स्थित पीड़िता के गांव भी पहुंची। दो दिनों में कई लोगों का बयान दर्ज किया गया। एक टीम तकनीकी अनुसंधान में जुटी है, जो जांच में सामने आने वाली बातों को एसआइटी को साझा किया जा रहा है, जिसके आधार पर कुछ लोगों से पूछताछ भी की गई।
सूत्रों की मानें तो पुलिस इस मामले को काफी हद तक सुलझा चुकी है। कुछ रिपोर्ट आने के बाद पूरे प्रकरण से पर्दा उठा सकता है। |
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