झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन।
बीके पांडेय, जागरण, बोकारो। मंगलवार का दिन झारखंड की महिलाओं के नाम रहा। दुनिया के सबसे बड़े वैश्विक मंच वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस में झारखंड ने नए आत्मविश्वास, स्पष्ट दृष्टिकोण और सशक्त विज़न के साथ अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक निवेश, समावेशी विकास और सतत अर्थव्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दुनिया के नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ संवाद कर रहा है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री की पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने प्रतिष्ठित पैनल डिस्कशन “Women Entrepreneurship: Driving Growth and Building a Sustainable Economy” (BRICS WE) में झारखंड का प्रतिनिधित्व किया। इस वैश्विक मंच पर उन्होंने बताया कि किस प्रकार झारखंड महिलाओं को केंद्र में रखकर विकास की नई परिभाषा गढ़ रहा है, जहाँ महिला उद्यमिता आर्थिक वृद्धि और टिकाऊ भविष्य की मजबूत आधारशिला बन रही है।
विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि झारखंड उन अग्रणी राज्यों में शामिल है, जहाँ महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर और ठोस प्रयास किए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास कार्यक्रमों और उद्यमिता सहयोग योजनाओं के माध्यम से राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और निर्णय लेने में सक्षम बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि आज झारखंड की हजारों महिलाएं सफल उद्यमी के रूप में उभर चुकी हैं, जो न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि झारखंड की हैंडलूम और टेक्सटाइल परंपरा केवल सांस्कृतिक विरासत नहीं, बल्कि लाखों महिलाओं की आजीविका और पहचान का मजबूत आधार है।
आदिवासी कौशल, महिला नेतृत्व और सामुदायिक उद्यमिता पर आधारित यह विकास मॉडल पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है। इसके साथ ही Alliance for Global Goods के स्पीकर सेशन में भी समावेशी और महिला-नेतृत्व वाले विकास पर गहन चर्चा हुई।
दावोस में साझा की गई प्रस्तुतियों और तस्वीरों में बोकारो की भी विशेष चर्चा रही। विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने बताया कि झारखंड में महिला उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि बोकारो में दर्जनों स्थानों पर महिलाओं को रेडीमेड गारमेंट निर्माण एवं विपणन का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण तत्कालीन उपायुक्त विजया जाधव के नेतृत्व में डीएमएफटी फंड से संचालित किया गया, जिससे बोकारो की अनेक महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं। |
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