नोएडा हादसे के बाद गाजियाबाद में बचाव प्रणाली मजबूत करने की तैयारी। फाइल फोटो- जागरण
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। नोएडा में इंजीनियर की डूबने से हुई मौत के बाद गाजियाबाद में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पुलिस और अग्निशमन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल को मौके पर नोएडा भेजा गया। ताकि बचाव ऑपरेशन और संसाधनों की स्थिति का आकलन किया जा सके।
इसके बाद शासन को पत्र भेजकर अत्याधुनिक बचाव उपकरणों की मांग की गई है। मांगे गए उपकरणों में नाव, फाग कटिंग लाइट, डीप डाइविंग किट, ऊंची इमारतों में अग्निकांड के दौरान फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए 90 मीटर क्षमता का हाइड्रोलिक प्लेटफार्म, तथा मल्टी डिजास्टर रेस्क्यू वैन (एमडीआरवी) शामिल है।
अधिकारियों के अनुसार एमडीआरवी में एक साथ कई आपदाओं से निपटने के उपकरण होते हैं, जिससे बाढ़, डूबने, अग्निकांड और भवन दुर्घटनाओं में त्वरित राहत संभव हो सकेगी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि नोएडा में हुए हादसे को देखते हुए भविष्य की योजना बनाना जरूरी है। इसे देखते हुए गाजियाबाद पुलिस ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण और नगर निगम को पत्र लिखकर शहर के ऐसे सभी जोखिमपूर्ण और जानलेवा स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
इन स्थानों पर चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था मजबूत की जाएगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक उपकरण मिलने से बचाव कार्य की गति और प्रभावशीलता बढ़ेगी। साथ ही पुलिस, अग्निशमन और नगर निकायों के बीच समन्वय को भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके।
पुलिस और प्रशासन का उद्देश्य है कि तकनीकी संसाधनों और पूर्व तैयारी के जरिए भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। |
|