अमीन अशोक कुमार राठी ने मां, पत्नी, दो बेटों के चार-चार गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। संग्रह अमीन अशोक के लिए पिता की मौत का सदमा इतना गहरा था कि फिर कभी उससे उबर नहीं पाया। इसके बाद अवसाद से इस कदर ग्रस्त हुआ कि परिवार की जान का दुश्मन बन गया। इसके पहले भी वर्ष 2022 और 2025 में उसने परिवार को जहर देकर मारने का प्रयास किया था। अशोक का इलाज कर रहे चंडीगढ़ पीजीआई के चिकित्सक ने भी परिवार का चेताया था कि वह कभी भी घातक कदम उठा सकता है।
परिवार का कहना है कि अशोक के पिता सुरेंद्र की इच्छा थी कि बेटा भी सरकारी नौकरी करे। अशोक इससे इन्कार करता रहता था। सेवानिवृत्त होने से चंद दिन पहले ही 28 जून 2021 में पिता सुरेंद्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अनुकंपा के तौर पर उनकी जगह पर ही अशोक को नकुड़ तहसील में संग्रह अमीन के पद पर नौकरी मिली थी। इससे वह अंदर ही अंदर घुटता रहा।
पिता की मौत के लिए खुद को बताता था जिम्मेदार
उसे यह लगता रहा कि पिता की मौत उसकी वजह से हुई है। इसी तनाव ने उसे मानसिक रोगी बना दिया। बात-बात पर गुस्सा करना और परिवार में किसी की नहीं सुनना उसकी आदत में शुमार हो गया था। उसे यह भी लगता था कि परिवार को कोई बात वह कहता है तो उसे अनसुना कर दिया जाता है। सामवार रात अशोक ने पहले पत्नी, दो बेटों व मां की गोली मारकर हत्या करने के बाद गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
मानसिक रोगी अमीन का पिछले तीन साल से पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा था। अमीन का तनाव इतना बढ़ गया था कि वह परिवार की जान लेने पर उतारू हो चुका था। अमीन के साथ उसकी पत्नी संजीता पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार के लिए जाती थी।
डॉक्टर ने मानसिक रोग की दी थी चेतावनी
डॉक्टर ने पत्नी को बताया था कि मानसिक रोग इतना बढ़ गया है कि उसका पति परिवार की जान ले सकता है। ऐसे में सावधान होने की जरूरत है। बहनोई जयवीर ने बताया कि अशोक ने कई बार इस बात को दोहराया था कि वह अपने पूरे परिवार को खत्म कर देगा। पूरा परिवार उसकी बीमारी को लेकर चिंतित था।
वर्ष 2022 में गर्मी के मौसम में अशोक ने घर आए दो भांजों और एक भांजी को फ्रूटी में नशीली दवाइयां मिलाकर पिला दिया था। समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई थी। इसके बाद सरसावा के कौशिक विहार में शिफ्ट होने से पहले साल 2025 में उसने मां विद्यावती, पत्नी अंजीता, छोटे बेटे देव को भी कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवाइयां मिलाकर दे दी थी।
बड़े बेटे कार्तिक ने पीने से इनकार कर दिया था। कुछ देर बाद दादी, मम्मी और छोटे भाई की तबीयत बिगड़ गई तो कार्तिक ने रिश्तेदारों को फोन कर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया था।
फौजी मांगेराम के मकान में किराए पर रहता था
कौशिक विहार कालोनी में अमीन अशोक कुमार राठी सालभर से फौजी मांगेराम के मकान में किराये पर रहता था। सोमवार रात करीब ढाई बजे कालोनी के लोगों ने गोलियां चलने की आवाज सुनी थी। पड़ोसियों का कहना है कि लगा कि कोई पटाखे छोड़ रहा है, लेकिन यह नहीं पता था कि परिवार के सदस्यों की गोली मारकर हत्या की गई है।
सुबह घटना की जानकारी हुई तो कालोनी के लोगों के होश उड़ गए। मौके पर जाकर देखा तो परिवार के पांच सदस्यों अमीन अशोक, उसकी मां विद्यावती, पत्नी अंजीता, बेटा कार्तिक और देव के शव बेडरूम में पड़े थे। सभी लहूलुहान थे और गोलियां लगी हुई थीं। हैरत की बात यह है कि गोलियों की आवाज सुनने के बाद भी आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना देना तक उचित नहीं समझा। सब अपने घरों में कैद रहे।
पिता का सपना था कि बेटा-बहू मां के साथ गांव में रहे
अशोक के बहनोई जयवीर ने बताया कि पिता सुरेंद्र ने मरने से पहले बेटे अशोक से कहा था कि मां के साथ बहू और बच्चों के लेकर गांव में रहे। इसलिए अमीन पत्नी और बच्चों को मां के साथ गांव में रखना चाहता था। गांव में मकान बनाने की तैयारी भी की जा रही थी, लेकिन अमीन की पत्नी अंजीता को गांव में रहना बिल्कुल भी मंजूर नहीं था। बुधवार को गांव खरीबांस पहुंचकर पूर्व मंत्री साहब सिंह, भाजपा नेता राजसिंह माजरा ने परिवार को सांत्वना दी।
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