अब तक 18 जिले में 21 सेंटर का संचालन
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश में अब प्रमाणित ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) खोलने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और सड़क पर केवल प्रशिक्षित चालक ही वाहन चलाएंगे, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। नियमों के अनुसार हर 10 लाख की आबादी पर प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना का प्रविधान है।
वर्तमान में प्रदेश के 18 जिलों में 21 प्रशिक्षण केंद्र परिवहन विभाग से संचालित हैं। इस केंद्र का काम लोगों को ड्राइवरों को सुरक्षित व जिम्मेदार ड्राइविंग सिखाना है। यहां प्रशिक्षण से ड्राइविंग टेस्ट से छूट मिल सकती है, और ड्राइविंग लाइसेंस पाने में भी आसानी होती है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने केंद्रीय मोटरयान नियमावली, 1989 में संशोधन कर प्रमाणित ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र (एडीटीसी) की स्थापना से जुड़े नए प्रविधान जोड़े हैं। ड्राइविंग प्रशिक्षण को वैज्ञानिक, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए यह बदलाव किया गया है।
प्रदेश के 58 जिलों में (इंस्टीट्यूट आफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च और ड्राइविंग ट्रेनिंग टेस्टिंग इंस्टीट्यूट को छोड़कर) प्रशिक्षण केंद्रों के लिए पिछले वर्ष आफलाइन आवेदन मांगे गए थे। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि अब ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना और उनके संचालन के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
इसके लिए एक नया पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिसे जल्द ही लाइव कर दिया जाएगा। अब तक यह प्रक्रिया आफलाइन थी, लेकिन आगे से पूरी व्यवस्था डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और निगरानी दोनों बेहतर होंगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सड़क सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर हैं।
उनके निर्देश हैं कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए ड्राइविंग प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाया जा रहा है। |
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