बाएं से साक्षी महाराज व अविमुक्तेश्वरानंद। जागरण
जागरण संवाददाता, उन्नाव। प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान संत अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोके जाने और प्रशासन द्वारा नोटिस जारी कर शंकराचार्य का प्रमाण मांगे जाने के मामले पर सांसद डा. सच्चिदानंद साक्षी महाराज ने कहा कि मेला हो, कुंभ मेला हो महाकुंभ या फिर कोई बड़ा गंगा स्नान हो जहां भारी भीड़ होती है। प्रशासन की जिम्मेदारी होती है बिना किसी घटना के उसे संपन्न कराना।
उन्होंने आगे कहा कि मैं उनका सम्मान करता हूं। जहां पुलिस ने उनकी पालकी को रोका वहां उन्हें अभद्रता नहीं करनी चाहिए थी, उन्हें वहीं रुकना चाहिए। लेकिन कई बार उनके विचारों को सुनकर ऐसा लगता है कि वह संत से ज्यादा राजनेता हैं। वह राजनेता से ज्यादा बोलते है, वह सरकार पर हमलावर रहते हैं, अगर ऐसा कुछ है तो वह खुलकर राजनीति करें।
सांसद गुरुवार को अपने आवास साक्षीधाम गदनखेड़ा में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में मैं हाथ जोड़ कर निवेदन करना चाहता हूं अखिलेश यादव कुछ न ही बोले तो अच्छा है। इसी प्रयागराज में अखिलेश ने इन्हीं संत को लाठियों को पिटवाया था, क्या वह जवाब देंगे। जहां तक संतों के सम्मान की बात है तो सैकड़ों संतों की छाती को गोलियों से छलनी कराने का काम किसने किया था, मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता हूं, सभी जानते हैं इस लिए संतों के सम्मान की बात अखिलेश न ही करें तो अच्छा है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक द्वारा दिए गए बयान कि अगर मुस्लिम सपा से हट जाए तो प्रधानी जीतना कठिन हो जाएगा।
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सांसद ने कहा कि मैं उनसे पूरी तरह से सहमत हूं। आज सपा से यादव का मोह भंग हो रहा है। मुस्लिम भी भाजपा और मोदी को वोट देते हैं। |