Badarinath Dham बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरा के अनुसार वसंत पंचमी के दिन तय होती है।
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। Badarinath Dham नरेंद्रनगर के राजमहल में आज बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने और तेल पिरोने की तिथि घोषित की जाएगी। डिमरी पंचायत के सदस्य गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा लेकर गुरुवार को ऋषिकेश पहुंचे। यहां रात्रि विश्राम के बाद सुबह पंचायत के सदस्य नरेंद्रनगर के लिए रवाना होंगे।
परंपरा के अनुसार वसंत पंचमी के दिन बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि तय होती है। शुक्रवार को नरेंद्रनगर राजमहल में कपाट खुलने के साथ ही तेल पिरोने की तिथि भी घोषित की जाएगी।
मंगलवार को डिमरी पंचायत के सदस्य नृसिंह मंदिर से गाडू घड़ा लेकर पांडुकेश्वर पहुंचे थे। इसके बाद डिम्मर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाडू घड़ा की पूजा अर्चना की गई।
गुरुवार शाम पंचायत सदस्य ऋषिकेश पहुंचे। बीकेटीसी की धर्मशाला में रात्रि विश्राम के बाद आज सुबह नौ बजे गाडू घड़ा को लेकर सदस्य नरेंद्रनगर स्थित राजमहल के लिए रवाना होंगे।
रील बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध
चारधाम यात्रा 2026 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर में नई नियमावली लागू होगी। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में रील बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
बदरीनाथ धाम में श्रद्धालु सिंहद्वार से आगे, और केदारनाथ धाम में चबूतरा क्षेत्र में मोबाइल और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को मोबाइल और कैमरा मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले ही जमा कराना होगा।
यह निर्णय चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए जरूरी है।
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