बालाज घाट पर कथक का अभ्यास करती कलाकार। जागरण
जागरण संवाददाता, वाराणसी। मोक्षदायिनी काशी के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र महाश्मशान घाट पर अब अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों का निश्शुल्क कंप्यूटरीकृत पंजीकरण किया जाएगा। नगर निगम ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर इस नई व्यवस्था की शुरुआत की। शुक्रवार को हरिश्चंद्र घाट पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने शुभारंभ किया।
महापौर ने कहा कि यह व्यवस्था किसी शुल्क या औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि घाटों पर होने वाले दाह संस्कारों का सटीक और वास्तविक आंकड़ा प्राप्त करने के उद्देश्य से लागू की गई है। अब दोनों महाश्मशान घाटों पर आने वाले प्रत्येक शव का नाम, पता और आयु जैसी बुनियादी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी।
इससे नगर निगम के पास एक विश्वसनीय डाटाबेस तैयार होगा, जो भविष्य की शहरी योजनाओं और व्यवस्थाओं में सहायक होगा। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण पूरी तरह निश्शुल्क है। परिजनों को केवल आवश्यक जानकारी देनी होगी। जारी की जाने वाली पंजीकरण पर्ची से मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।
इसके लिए कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में 24 घंटे तैनाती की गई है। महापौर ने यह भी बताया कि यह व्यवस्था केवल श्मशान घाटों तक सीमित नहीं रहेगी। शहर के मुस्लिम और ईसाई समाज के लिए चिह्नित 12 बड़े कब्रिस्तानों में भी शीघ्र ही कंप्यूटरीकृत मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था लागू की जाएगी। कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षदों सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम उठाए गए कदम के मुख्य बिंदु
- मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर निश्शुल्क डिजिटल शव पंजीकरण शुरू
- बसंत पंचमी पर हरिश्चंद्र घाट से महापौर ने किया शुभारंभ
- तीन शिफ्टों में 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती
- पंजीकरण पर्ची से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में होगी सहूलियत
- मुस्लिम व ईसाई समाज के 12 कब्रिस्तानों में भी जल्द लागू होगी व्यवस्था
सोनभद्र के लवकुश को जारी हुई पहली डिजिटल पर्ची
हरिश्चंद्र घाट पर पहली डिजिटल शवदाह पर्ची (पंजीकरण संख्या: 2026-HARI-00001) सोनभद्र निवासी 18 वर्षीय लवकुश शर्मा के नाम जारी की गई। पर्ची में क्यूआर कोड भी दर्ज है, जिससे डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। |
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