प्रयागराज में अस्थायी गोशालाएं होंगी बंद, स्थायी गोआश्रय स्थल का दायरा बढ़ाया जाएगा।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बेसहारा मवेशियों से किसानों को निजात दिलाने वाली अस्थायी गोशालाएं बंद करने की तैयारी है। अब इसकी जगह स्थायी वृहद गो आश्रय स्थलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। पशुपालन विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। पहले 30 मवेशियों वाली गोशालाएं बंद की गईं। अब 50 मवेशियों वाली गोशालाओं का नंबर है। इन पशुओं को वृहद गो आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इसी तरह एक के बाद एक सभी 121 अस्थायी गोशालाएं बंद होंगी।
वर्ष 2019 में अस्थायी गोशालाएं खोलने का था आदेश
वर्ष 2019 में शासन ने गांव-गांव अस्थायी गोशालाएं खोलने के आदेश दिए थे। इसी के बाद यहां पर भी ग्राम सभाओं में तमाम अस्थायी गोशालाएं खोली गईं। इस समय भी गंगापार व यमुनापार में 121 स्थायी व अस्थायी गोशालाएं हैं। इनमें कोरांव के लतीफपुर, होलागढ़ के उमरिया बादल और मांडा के देवरी में एक-एक वृहद गो आश्रय स्थल भी शामिल है जो स्थायी हैं, शेष अस्थायी हैं। सभी गोशालाओं में लगभग 25 हजार बेसहारा मवेशी हैं।
स्थायी व अस्थायी गोशालाओं में क्या है अंतर
अस्थायी के सापेक्ष स्थायी गोशालाओं में व्यवस्थाएं ज्यादा बेहतर रहती हैं। स्थायी गोशालाओं की क्षमता भी 400 से 500 मवेशियों की होती है। जबकि अस्थायी गोशालाओं की क्षमता इससे कम रहती है। कई अस्थायी गोशालाओं में मवेशी नाम मात्र के हैं। ऐसे में शासन ने अब अस्थायी गोशालाओं को बंद करके सिर्फ स्थायी गोशालाएं संचालित करने का मन बनाया है। इसी को देखते हुए स्थायी गोशाला के लिए एक हेक्टेयर की भूमि का मानक घटाकर आधा कर दिया है ताकि भूमि का संकट आड़े न आए। इससे मवेशियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं गोशालाओं की संख्या घट जाएगी। इससे गोशालाओं के खर्च से सरकार को कुछ राहत मिलेगी।
50 मवेशियों वाली गोशालाएं बंद करने का आदेश
पहले 123 अस्थायी गोशालाएं थीं। 30 मवेशियों वाली दो अस्थायी गोशालाएं बंदकर पशुओं को मवेशी दूसरी गोशाला में स्थानांतरित कर दिया गया। अब 50 मवेशियों वाली गोशालाएं बंद करने का आदेश आया है। हंडिया के दुलापुर, कौड़ीहार के बरीपुर रामनगर उपहरहार, गांजा और अकबरपुर मीरजापुर गांव की अस्थायी गोशालाएं इस दायरे में आ रहीं हैं।
तीन स्थायी गो आश्रय स्थल निर्माणाधीन, चार प्रस्तावित
जसरा के रेरा, शंकरगढ़ के सोनबरसा, उरवा के पलानीपुर उपरहार में वृहद गो आश्रय स्थल निर्माणाधीन हैं। कोरांव के बसहरा में स्थायी गोशाला के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। बारा तहसील क्षेत्र में तीन अन्य वृहद गो आश्रय स्थलों का निर्माण प्रस्तावित है। इनके लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है।
अस्थायी गोशालाएं बंद होंगी : सीवीओ
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (सीवीओ) डॉ. शिवनाथ यादव का कहना है कि धीरे-धीरे अस्थायी गोशालाओं को बंद किया जाना है। इनकी जगह पर सभी मवेशी स्थाई गोशालाओं में रखे जाएंगे। जैसे-जैसे नई स्थाई गोशालाएं बन जाएंगी, वैसे-वैसे मवेशी वहां स्थानांतरित होंगे। वहां पर उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
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