search
 Forgot password?
 Register now
search

बंगाल में SIR सुनवाई केंद्र में तोड़फोड़ मामले पर TMC विधायक पर कार्रवाई, FIR दर्ज

Chikheang Yesterday 20:26 views 914
  

बंगाल में SIR सुनवाई केंद्र में तोड़फोड़ मामले पर TMC विधायक पर कार्रवाई FIR दर्ज (फाइल फोटो)



राज्य ब्यूरो, जागरण, कोलकाता। मुर्शिदाबाद जिले में भारी राजनीतिक रस्साकशी के बीच चुनाव आयोग के कड़े रुख के बाद आखिरकार फक्का से तृणमूल कांग्रेस विधायक मणिरुल इस्लाम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।

उन पर आरोप है कि कुछ दिन पहले उन्होंने मतदाता सूची के ड्राफ्ट पर आपत्तियों की सुनवाई के दौरान एक केंद्र पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर तोड़फोड़ और हंगामा किया था। दिलचस्प बात यह है कि यह कार्रवाई चुनाव आयोग द्वारा तय की गई समय सीमा के करीब 48 घंटे बाद हुई है।

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को गुरुवार शाम पांच बजे तक ही विधायक के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन शनिवार सुबह तक कार्रवाई न होने पर आयोग ने इस देरी पर सख्त नाराजगी जताई। इसके बाद शनिवार दोपहर प्रशासन हरकत में आया और मामला दर्ज किया गया।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक मणिरुल इस्लाम ने आरोपों को नकारते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि अगर जनता की आवाज उठाने के लिए उन्हें जेल जाना पड़ता है, तो वे इसके लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने का आरोप भी मढ़ा।

वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने इस कदम का स्वागत करते हुए विधायक की तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। इससे पहले 14 जनवरी को हुई इस हिंसा के बाद दर्ज शुरुआती एफआइआर में मुख्य आरोपियों के नाम शामिल न होने पर भी सवाल उठे थे।
दो जिलों के DEO की कार्रवाई में देरी से EC नाराज

बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से जुड़े दावों और आपत्तियों की सुनवाई के दौरान हुई हिंसा के मामलों में कार्रवाई में देरी को लेकर चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। सूत्रों के अनुसार, दो जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) की शिथिलता से आयोग असंतुष्ट है।

पहली घटना मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में हुई, जहां सुनवाई केंद्र पर तोड़फोड़ और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। आरोप है कि इस घटना में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कार्यकर्ताओं की भूमिका रही। आयोग ने फरक्का से विधायक के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने का निर्देश दिया था और उसी दिन अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी थी, इसके बाद शनिवार को उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इसी तरह उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार में हुई तोड़फोड़ की घटना पर भी आयोग द्वारा मांगी गई रिपोर्ट अब तक नहीं भेजी गई। सीईओ कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि सुनवाई केंद्रों पर हिंसा को गंभीरता से लिया जाएगा और एफआईआर दर्ज करने में अनावश्यक देरी पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।

इस बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने आयोग पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एसआइआर प्रक्रिया में बाधाओं के बावजूद आयोग पर्याप्त सख्ती नहीं दिखा रहा है। उन्होंने सुनवाई केंद्रों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की भी मांग की।

जिन्हें शेख हसीना ने किया बैन, उन्हीं बांग्लादेशी कट्टरपंथियों के करीब आ रहा अमेरिका; रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
like (0)
ChikheangForum Veteran

Post a reply

loginto write comments
Chikheang

He hasn't introduced himself yet.

510K

Threads

0

Posts

1510K

Credits

Forum Veteran

Credits
157162

Get jili slot free 100 online Gambling and more profitable chanced casino at www.deltin51.com