मार्च से बदली व्यवस्था में लागू होगा राज्य कर्मियों का स्वास्थ्य बीमा।
राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य कर्मियों, पेंशनरों एवं उनके आश्रितों तथा अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना मार्च से बदली हुई व्यवस्था में लागू होगी। राज्य सरकार ने इस योजना को सरल और सृदृढ़ बनाते हुए कई बदलाव किए हैं।
नई बीमा कंपनी के चयन होने के साथ ही यह नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने बीमा कंपनी के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में इस योजना का क्रियान्वयन टाटा एआइजी द्वारा किया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत अब इस बीमा योजना के लाभुक आयुष पद्धति में भी इलाज करा सकेंगे। इनमें आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी, यूनानी, सिद्ध, सोवा-रिग्पा, और होम्योपैथी शामिल हैं।
इन आयुष पद्धतियों में आइपीडी तथा ओपीडी दोनों में बीमित लाभुकों का इलाज सीजीएचएस दर पर होगा। आयुष में ट्रीटमेंट क्लेम का खर्च बीमा कंपनी द्वारा इंश्योरर की लायबिलिटी तक दिया जाएगा या रीइंबर्स किया जाएगा।
इंश्योरर की लायबिलिटी से ज़्यादा राशि का भुगतान झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी के कार्पस फंड से दिया जाएगा। आयुष सिस्टम के तहत नन-हास्पिटलाइज़्ड (आउट पेशेंट) ट्रीटमेंट मान्य होगा। ऐसे इलाज का खर्च कार्पस फंड से दिया जाएगा।
बिना इंतजार गंभीर मरीजों का इलाज शुरू
नई व्यवस्था के तहत घायल एवं अत्यंत गंभीर मरीजों का इलाज सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना सत्यापन (प्री-आथराइज़ेशन अप्रूवल) का इंतज़ार किए बिना इलाज तुरंत शुरू हो जाएगा।
ऐसे मामलों के लिए प्री-आथराइज़ेशन इंश्योरेंस कंपनी को रिक्वेस्ट फार आथराइज़ेशन लेटर मिलने के पांच घंटे के अंदर पूरा करना होगा। किसी भी हालत में इलाज में देरी नहीं होगी।
बता दें कि अब इस स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत बीमित लाभुकों का इलाज सीजीएचएस दर पर किया जाएगा। इसके तहत सामान्य बीमारियों में पांच लाख तथा गंभीर बीमारियों में 10 लाख रुपये तक का भुगतान बीमा कंपनी करेगी।
इससे अधिक खर्च होने पर भुगतान कार्पस फंड से किया जाएगा। 20 लाख रुपये से अधिक की स्वीकृति निर्धारित समिति द्वारा दी जाएगी।
30 दिनों तक फालो अप का भी मिलेगा खर्च
नन क्रिटिकल एवं क्रिटिकल दोनों बीमारी की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने से पहले पंद्रह दिन और भर्ती होने के बाद 30) दिन का खर्च, जिसमें ओपीडी, फालो-अप, जांच चार्ज, कंसल्टेंसी फीस और दवा का खर्च का भुगतान भी बीमा कंपनी करेगी।
6.31 लाख लाभुकों का किया गया है अनुमान
स्वास्थ्य विभाग ने 6.31 लाख लाभुकों का अनुमान लगाया है, जिनका बीमा चयनित कंपनी द्वारा किया जाएगा। इनमें 1,81,229 राज्य कर्मी एवं पेंशनर, 14,937 अधिवक्ता तथा शेष आश्रित हैं।
आयु सीमा के अनुसार लाभुकों की संख्या
आयु वर्ग - लाभुकों की संख्या
0-18 वर्ष 1,59,831
19-25 वर्ष 61,598
26-35 वर्ष 84,049
36-45 वर्ष 1,06,638
46-55 वर्ष 98,088
56-60 वर्ष 43,848
60 वर्ष से अधिक 77,048 |